मनाली में टैक्सी चालकों की हड़ताल खत्म

हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल मनाली में एक दिन पहले हड़ताल पर रहे 2000 से ज्यादा टैक्सी चालकों ने बुधवार को अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। टैक्सी चालकों ने प्रशासन द्वारा पर्यटन वाहनों को मनाली के ऊपरी बर्फ वाले इलाकों में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी। पर्यटकों के वाहनों के मरही में दाखिल होने को प्रतिबंधित किए जाने के खिलाफ टैक्सी यूनियन के विरोध प्रदर्शन की वजह से सैकड़ों सैलानियों को मंगलवार को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरही, मनाली से 34 किलोमीटर की दूरी पर है।

हिम-आंचल टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष राज कुमार डोगरा ने कहा, "प्रशासन ने हमारी मांग मान ली है, इसलिए हमने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है।"

उन्होंने कहा कि टैक्सियां अब सामान्य रूप से चल रही हैं। हालांकि, रोहतांग दर्रा पर्यटकों के लिए अभी भी बंद है।

इससे पहले प्रशासन ने टैक्सियों को गुलाबा तक जाने की अनुमति दी थी। गुलाबा में मौजूदा समय में बर्फ गायब है। मनाली से गुलाबा की दूरी 26 किमी है।

टैक्सी चालकों की मांग थी कि पर्यटक वाहनों को मरही तक पहुंचने की इजाजत दी जाए, जो कि गुलाबा से सिर्फ 8 किमी आगे है, जहां पर्यटक बर्फ का आनंद ले सकते हैं।

उनका निवेदन था कि इस मौसम में पर्यटकों को मनाली आने के लिए सिर्फ बर्फ ही आकर्षित करती है। ऐसे में पर्यटकों को मरही तक जाने दिया जाए।

ऑटो संचालक और मनाली के निजी मिनी बस ऑपरेटर भी मंगलवार की हड़ताल में शामिल थे।

मनाली से 52 किमी दूर हिमालय के पीर पंजाल रेंज में स्थित रमणीय पर्यटक स्थल रोहतांग दर्रा घरेलू और विदेशी दोनों सैलानियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यह जून तक बर्फ से ढका रहता है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मौजूदा समय में स्थानीय लोगों व सरकारी अधिकारियों को ले जा रहे वाहनों को लाहौल स्पीति जिले तक सीमित किया गया है और उन्हें रोहतांग दर्रे के पार जाने की इजाजत दी गई है। रोहतांग दर्रा कुल्लू जिले में 13,050 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

रोहतांग दर्रा, मनाली को जम्मू एवं कश्मीर के लेह से जोड़ता है। यहां हर साल भारी बर्फबारी की वजह से चार महीने के लिए यातायात बंद रहता है। इस साल इसे अप्रैल के अंत में यातायात के लिए खोला गया।

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