हिमाचल : ब्रिटिशकालीन महल के अधिग्रहण के करार पर कैबिनेट की मुहर

शिमला:  हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने बुधवार को ब्रिटिशकालीन महल बान्टोनी एस्टेट को 27.84 करोड़ रुपये में अधिग्रहीत करने के करार पर मुहर लगा दी। जर्जर अवस्था में पहुंच चुके इस महल का जीर्णोद्धार कर इसे एक संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

सरकार ने महल के अधिग्रहण का फैसला जुलाई, 2013 में किया था। यह कभी सिरमौर के राजा का ग्रीष्मकालीन महल हुआ करता था।

समझौता प्रक्रिया में शामिल एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने एक करार समिति की अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया है और महल के मालिक को 27.84 करोड़ रुपये भुगतान करने की अनुमति दे दी है।

एक अधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिमला में स्कैंडल प्वाइंट के निकट स्थित इस महल का जीर्णोद्धार किया जाएगा और वहां एक संग्रहालय बनाया जाएगा। इस इलाके में एक रेस्तरां के साथ एक मनोरंजन पार्क भी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनेगा।

इससे पहले साल 2011 में लंदन स्थित एक भारतीय उद्योगपति ने अति शानदार होटल बनाने के लिए इसे खरीदा था। उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी।

कांग्रेस ने उस समय इस संपत्ति के सौदे के संबंध में सरकार में शामिल शीर्ष राजनीतिक पदाधिकारियों पर अवैध हस्तान्तरण में संलिप्त होने का आरोप लगाया था।

साल 1957 से यह महल राज्य पुलिस का मुख्यालय रहा था। मुकदमे में फैसला आने के बाद इसे इस साल खाली किया गया।

शिमला नगर निगम के अनुसार, अपर्याप्त मरम्मत, महल मालिक के पास वित्तीय संसाधनों की कमी और धरोहर के संरक्षण की सीमित समझदारी के कारण महल जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच गया है।

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