हिमाचल : सुरंग में फंसे 2 श्रमिक सुरक्षित निकाले गए

Satish Tomar, one of the two workers who were trapped in an under construction tunnel in Bilaspur on Sep 17, 2015. (Photo: IANS) Satish Tomar, one of the two workers who were trapped in an under construction tunnel in Bilaspur on Sep 17, 2015. (Photo: IANS)

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश में निमार्णाधीन सुरंग का एक हिस्सा धंस जाने से उसके अंदर पिछले 200 घंटों से अधिक समय से फंसे दो श्रमिकों को अंतत: बचावकर्मियों ने सोमवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन तीसरे श्रमिक के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के कमान अधिकारी जयदीप सिंह ने आईएएनएस को बताया, "हम सुरंग में 12 सितंबर से फंसे मणि राम और सतीश तोमर को बाहर निकालने में सफल हो गए हैं। दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें चिकित्सा जांच के लिए पास के बिलासपुर में क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया है।"

लेकिन तीसरे श्रमिक हृदय राम के बारे में अभी पता नहीं चल पाया है।

बिलासपुर की उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, "हमने दो व्यक्तियों को सफलतापूर्वक बचा लिया है। एनडीआरएफ के कर्मी तीसरे श्रमिक की तलाश में सुरंग में फिर से जा रहे हैं। हमारे लिए अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। हम आशावान हैं। अभियान अभी भी जारी है। हम तीसरे श्रमिक का पता लगाने की आशा आखिर क्यों छोड़े?"

इसके पहले एनडीआरएफ ने फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए सुरंग में अपने कर्मियों को भेजने हेतु सुरंग की छत में मोटा छेद बनाया।

पिछले पांच दिनों से इंजीनियरों, तकनीकी कर्मियों और भूगर्भशास्त्रियों की कोई 50 सदस्यीय टीम सुरंग तक पहुंचने के लिए 42 मीटर लंबा रास्ता बनाने में जुटी हुई थी।

रास्ता बनाने वाली मशीन में आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण रविवार को पूरे दिन बचाव अभियान बाधित रहा था।

कीरतपुर-मनाली राजमार्ग परियोजना के लिए प्रस्तावित 1.2 किलोमीटर लंबी सुरंग 12 सितंबर को उस समय धंस गई थी, जब इसे 275 मीटर खोद लिया गया था।

82 करोड़ रुपये की इस सुरंग परियोजना का ठेका चंडीगढ़ की हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। इसी कंपनी के तीन श्रमिक सुरंग में फंस गए थे। तीनों हिमाचल प्रदेश के ही रहने वाले हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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