छोटी काशी में महाशिवरात्रि महोत्सव शुरू

मंडी, 11 मार्च (आईएएनएस)| छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन सोमवार से शुरू हो गया हैं। इस ऐतिहासिक शहर में महोत्सव एक अलग प्रकार से मनाया जाता है। इसे 200 से भी अधिक पर्वतीय देवी-देवताओं के जमघट के रूप में देखा जाता है।

यहां मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियों को तुरहियों और ढोल की ध्वनि के साथ सुंदर पालकी में बैठा कर लाया जाता है।

1526 में अजबर सेन के शासनकाल में स्थापित हुआ यह शहर प्राचीन मंदिरों के नाम से भी जाना जाता था।

महोत्सव के मुख्य आयोजक और उपायुक्त देवेश कुमार ने आईएएनएस से कहा, "इस महोत्सव में इस वर्ष 200 से भी अधिक देवी-देवताओं की मूर्तियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से अधिकांश मूर्तियां आ चुकी हैं। यह महोत्सव आगामी 17 मार्च तक चलेगा।"

चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मंडी में पहाड़ियों पर 80 से भी अधिक मंदिर स्थित हैं। यहां के प्रमुख मंदिरों में भूतनाथ, त्रिलोकीनाथ, जगन्नाथ, तरना देवी और जालपा देवी के मंदिर शामिल हैं।

प्राचीन समय में मंडी के शासक रहे अजबर सेन शिवभक्त थे। जनश्रुति के अनुसार, राजा सेन (1499-1534) ने सपने में एक गाय को भगवान शिव की मूर्ति पर दूध चढ़ाते हुए देखा था, जल्द ही उनका सपना साकार हुआ। कहा जाता है कि राजा ने एक बार गाय को शिव लिंग पर दूध चढ़ाते हुए साक्षात देख लिया।

महोत्सव के पहले दिन भगवान माधो राव, भगवान विष्णु सहित कई प्रमुख देवताओं का जुलूस निकाला जाता है।

प्रोटोकाल के अनुसार देवी-देवताओं की मूर्तियों को सुंदर पालकियों में सजाकर भूतनाथ मंदिर में रखा जाता है।

महोत्सव के दौरान यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और ग्रामीण खेलों के अलावा लाखों रुपये का लेन-देन होता हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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