हरियाणा में दफ्तर से हटेंगी पुरानी कानूनी फाइलें

चंडीगढ़: हरियाणा के महाधिवक्ता कार्यालय ने जगह की कमी की वजह से कानूनी मामलों से जुड़ी उन पुरानी फाइलों को हटाने का फैसला लिया है जिस पर फैसला सुनाया जा चुका है। महाधिवक्ता कार्यालय के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यहां बताया, "ये फाइलें एक जनवरी 2009 से 31 दिसंबर 2010 तक के दीवानी मामले और एक जनवरी से 31 दिसंबर 2011 तक के आपराधिक मामलों के साथ उच्च न्यायालय के मुकदमों से संबंधित हैं जो हटा ली जाएंगी।"

उन्होंने कहा कि इन फाइलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व हरियाणा के सभी विभागों के प्रमुखों से अनुरोध किया जाएगा कि वे इस अवधि से संबंधित अपने विभाग की अदालती फाइलें 30 दिन के अंदर वापस मंगा लें।

उन्होंने कहा, "ऐसा करने में असफल रहने पर इस अवधि की फाइलों को हटा दिया जाएगा।"

अधिकारियों ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन फाइलों को नष्ट कर दिया जाएगा या कहीं और सुरक्षित रखा जाएगा।

हरियाणा सरकार के सभी कानूनी मामलों को अदालत में पेश करने वाले महाधिवक्ता कार्यालय ने राज्य के मुख्य सचिव और न्याय विभाग के प्रशासनिक पदाधिकारियों से इन फाइलों के लिए अतिरिक्त स्थान की मांग की थी।

प्रवक्ता ने कहा, "लेकिन सरकार ने इसमें असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि इसके पास महाधिवक्ता कार्यालय के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना संभव नहीं है। दस्तावेजों वाले कक्ष की स्थिति पहले से ही दयनीय है और फाइलों ने कार्यालय के इस कक्ष में कर्मचारियों के लिए अस्वास्थ्यकर हालात पैदा करने के अलावा आग लगने का खतरा भी बढ़ा दिया है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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