..तो इसीलिए हुड्डा ने किया चौटाला को हरियाणा लाने इंकार

चंडीगढ़: यूं तो अधिकांश राजनेता अपने विरोधी नेताओं का मुंह बंद कराने या उन्हें दबाने के लिए पैंतरा अपनाते हैं। लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुछ ज्यादा ही आगे जाते दिखाई देते हैं।

हुड्डा ने शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला व 54 अन्य आरोपियों को हरियाणा की जेल में स्थानांतरित करने के दिल्ली के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस मामले में निचली अदालत से सजा पाए चौटाला व अन्य दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। मामले की सुनवाई दिल्ली में हुई थी।

वैधानिक रूप से चौटाला को उनके राज्य में जेल की सजा भुगतने के लिए भेजा जा सकता है। लेकिन राजनीतिक रूप से यह बुद्धिमत्तापूर्ण कदम नहीं लग रहा।

यही वजह है कि हुड्डा ने दिल्ली सरकार के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया जिसमें चौटाला व अन्य आरोपियों को हरियाणा की जेल में रखने का अनुरोध किया गया था।

चौटाला और उनके बड़े बेटे अजय चौटाला के जेल जाने के बाद हुड्डा को लगता है कि उनका चिर प्रतिद्वंद्वी खुद ब खुद रास्ते से हट गया है। मतलब इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव और अप्रैल-मई 2014 में होने वाले आम चुनाव में उन्हें वोट बटोरने के लिए अधिक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

दिल्ली सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला व शिक्षक भर्ती घोटाले के अन्य दोषियों को हरियाणा की जेल में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भेजा था। क्योंकि उनके परिजनों को उक्त लोगों से मिलने के लिए दिल्ली जाना पड़ता है।

उक्त प्रस्ताव को हुड्डा ने अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि क्योंकि मामला दिल्ली में दर्ज है तो उन्हें यहां नहीं लाया जा सकता।

हुड्डा अपनी दूरगामी सोच से भांप गए कि यदि चौटाला को यहां स्थानांतरित किया गया तो उनकी राजनीति जेल से जारी रहेगी। यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा।

इंडो एशियन न्यूज सर्विस ।

 

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