हरियाणा के कई जिले आए एनसीआर में, श्रेय लेने की होड़

चंडीगढ़: हरियाणा के दो और जिले हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल किए गए हैं। इस तरह लगभग आधा हरियाणा अब एनसीआर में आ गया है। इसको लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है।

जहां कुछ लोग इस 'उपलब्धि' के श्रेय के लिए दावा कर रहे हैं, वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है भिवानी और महेंद्रगढ़ जिले को एनसीआर में शामिल किए जाने का श्रेय सभी मंत्रियों और संसद सदस्यों को दिया जाना चाहिए।

जब मुख्यमंत्री से कहा गया कि मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह, सांसद श्रुति चौधरी और उनके मंत्रिमंडल में शामिल किरण चौधरी, राव नरेंद्र सिंह और सतपाल सांगवान श्रेय का दावा कर रहे हैं, हुड्डा ने यह साबित करने के लिए कि सभी को इसका श्रेय जाता है, उन्होंने कागजात दिखाए और उस पत्र की प्रति भी दिखाई जो राज्य सरकार ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) को लिखा था।

हुड्डा ने कहा कि एनसीआरपीबी की बैठक में स्वयं उन्होंने इस आशय का प्रस्ताव रखा था। मंत्रियों ने ऐसा ही अनुरोध लिखित में किया था।

हुड्डा ने कहा, "इन जिलों में विकास को नई दिशा मिलेगी। एनसीआरपीबी की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया था कि जींद और करनाल जिलों को भी एनसीआर में शामिल किया जाए।"

इस मुद्दे पर श्रेय का सबसे बड़ा दावा हालांकि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री किरण चौधरी तथा उनकी बेटी व सांसद श्रुति चौधरी ने किया जो लोकसभा में भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं।

दोनों ने मांग स्वीकार करने के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और तत्कालीन शहरी विकास मंत्री कमलनाथ के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

इस फैसले को 'ऐतिहासिक' बताते हुए दोनों ने कहा कि ये दोनों जिले अब राज्य के अन्य हिस्सों के बराबर हो जाएंगे। दूसरे शब्दों में उनके कथन का आशय यह है कि हुड्डा सरकार विकास के मामले में इन जिलों की उपेक्षा करती रही है।

किरण चौधरी ने कहा कि उनकी बेटी ने इन जिलों को एनसीआर में शामिल कराने के लिए कड़ी मेहनत की थी और लगातार आवाज उठाती रहीं। वह इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लिए जाने के लिए सोनिया गांधी और कमलनाथ से बार-बार मिलती रहीं।

किरण चौधरी ने कहा, "इन दोनों जिलों के 10 विधानसभा क्षेत्रों का कोई खास विकास अब तक नहीं हुआ है। लेकिन अब उम्मीद की जानी चाहिए कि भिवानी जिले के लोगों को गुड़गांव और सोनीपत जिलों की तर्ज पर वैश्विक विकास का लाभ मिलेगा।"

उल्लेखनीय है कि दिल्ली से लगते हरियाणा के गुड़गांव, फरीदाबाद, रोहतक और सोनीपत जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहले से हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के नोएडा (गौतम बुद्धनगर) और गाजियाबाद भी एनसीआर में शामिल हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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