रोहतक में तनाव व्याप्त, मृतकों की संख्या बढ़ी

हरियाणा के रोहतक शहर के नजदीक स्थित करोंथा गांव में सोमवार को भी तनाव व्याप्त रहा और विवादित धर्मगुरु के आश्रम को दोबारा खोले जाने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आर्य समाज के समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों का जाल बिछ गया है। पुलिस ने जानकारी दी कि हिंसा के बाद पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्युट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) में भर्ती कराए गए घायलों में से एक की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

पुलिस और आर्य समाज के प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में 50 पुलिसकर्मियों सहित 120 लोग घायल हो गए।

मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने रविवार को हुई हिंसा के संदर्भ में मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिए हैं तथा लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

रोहतक के पुलिस महानिरीक्षक अनिल राव ने आईएएनएस से कहा, "करोंथा गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) की पांच टुकड़ियां सतलोक आश्रम के नजदीक तैनात कर दी गई हैं। इस मसले को सुलझाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस उप महानिदेशक खुद स्थिति पर नजदीक से नजर रखे हुए हैं। "

उन्होंने मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो जाने की पुष्टि की है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने के अलावा गोलियां भी चलाई थीं तथा कुछ प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर गोलियां चलाईं।

गुस्साई भीड़ पुलिस से भिड़ गई तथा हरियाणा रोडवेज की तीन बसों एवं एक एम्बुलेंस में आग लगा दी। इस घटना में दोपहिया सहित 10 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इन प्रदर्शनकारियों को गांव वालों का भी समर्थन प्राप्त है।

भीड़ में ज्यादातर आर्य समाज के कार्यकर्ता थे। वे करोंथ गांव में धर्मगुरु रामपाल के सतलोक आश्रम के खुलने का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को ग्रामीणों का समर्थन प्राप्त था।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "इलाके में तनाव व्याप्त है। आश्रम के नजदीक पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बल एवं पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। किसी भी प्रदर्शनकारियों को आश्रम के नजदीक नहीं जाने दिया जा रहा है।"

आर्य समाज के समर्थकों और विवादित धर्मगुरु और उनके अनुयायियों के बीच 2006 से तनाव चल रहा है। 2006 में हिंसा के बाद इस आश्रम को बंद कर दिया था। आर्य समाज के समर्थकों ने रामपाल पर इस संस्था के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, प्रशासन ने आश्रम को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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