हरियाणा निकाय चुनावों में भाजपा की बंपर जीत

भाजपा ने हरियाणा में फरीदाबाद नगर निगम और भिवानी नगर परिषद के चुनावों में जोरदार जीत दर्ज की है। पार्टी ने फरीदाबाद में 40 में से 30 सीटों पर कब्‍जा जमाया। कांग्रेस यहां पर एक भी सीट नहीं जीत पाई। 10 सीटों पर निर्दलीय उम्‍मीवार विजयी रहे हैं। यहां पर पहली बार भाजपा का मेयर बनने जा रहा है। चुनाव में केंद्रीय मंत्री कृष्‍णपाल सिंह गुर्जर के बेटे भी खड़े हुए थे। उन्‍होंने नौ हजार वोट से जीत दर्ज की है। चुनावों के दौरान बसपा ने भी उम्‍मीदवार उतारे थे। पिछली बार उसके तीन पार्षद बने थे लेकिन इस बार उसे एक भी सीट नहीं मिली। चुनावों के दौरान बसपा और निर्दलीयों ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया था। फरीदाबाद में 8 जनवरी को निकाय चुनाव हुए थे। वहीं भिवानी में भाजपा ने सिंबल दिए बिना प्रत्‍याशी मैदान में उतारे। इसके चलते उसे फायदा हुआ और उसने 31 में से 18 वार्ड जीते। कांग्रेस को केवल एक और इनेलो को दो सीटों से संतोष करना पड़ा।

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री कृष्‍णपाल सिंह गुर्जर ने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नतीजे मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर मुहर है। इससे पहले भाजपा ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी जबरदस्त जीत दर्ज की थी। भाजपा ने चंडीगढ़ में कुल 26 सीटों में से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। नोटबंदी के ऐलान के बाद से भाजपा को सभी चुनावों में जीत हासिल हुई है। उसने यहां से पहले गुजरात, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान और मध्य प्रदेश में भी निकाय चुनाव फतेह किए थे। इसमें बड़ी बात यह भी है कि सभी निकाय चुनावों में भाजप की जीत का अंतर बड़ा रहा है। कांग्रेस के लिए कहीं से भी अच्‍छी खबर नहीं मिली। हालांकि यह भी एक तथ्‍य है कि जिन भी राज्‍यों में निकाय चुनाव हुए हैं वहां पर भाजपा का राज है।

इसी साल होने जा रहे पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के लिए यह उत्‍साहजनक खबर है। हालांकि नोटबंदी के फैसले पर जनता का रुख क्‍या है यह पांच राज्‍यों के चुनावों से पता चलेगा। पंजाब, गोवा, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश और मणिपुर में चुनावों की शुरुआत फरवरी से होने जा रही है। 11 मार्च को इन चुनावों के नतीजे आएंगे। पंजाब और गोवा में भाजपा सत्‍ता में है। नोटबंदी के बाद यह पहले बड़े चुनाव है। भाजपा नोटबंदी और सर्जिकल स्‍ट्राइक को इन चुनावों में मुद्दा बना रही है। वहीं विपक्ष नोटबंदी से हुर्इ परेशानी को भुनाना चाहेगा। इन राज्‍यों के चुनाव नतीजे नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार के आधे कार्यकाल पर जनमत की तरह होगा।

 

 

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