हरियाणा में आवारा मवेशियों के लिए बनेंगे गौ-अभयारण्य

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में कई जगहों पर गौ-अभयारण्य बनाने का फैसला लिया है। इसमें 1.17 लाख से ज्यादा आवारा मवेशियों को आश्रय दिया जाएगा। इसकी जानकारी राज्य विधानसभा में मंगलवार को दी गई। हरियाणा के पशुपालन और डेयरी उद्योग मंत्री ओ.पी. धनखड़ ने विधानसभा में कहा, "हरियाणा सरकार ने राज्य में कई स्थानों पर गौ-अभयारण्य बनाने का फैसला किया है। इन्हें जिला मवेशी कल्याण समितियां चलाएंगी।"

धनखड़ ने कहा कि साल 2012 की पशुधन की जनगणना के अनुसार, हरियाणा में पशुओं की आबादी 89.98 लाख है, जिसमें 18.08 लाख मवेशी हैं।

मंत्री ने कहा, "साल 2012 की गणना के अनुसार, राज्य में 1.17 लाख आवारा मवेशी हैं, जिसमें से 85,000 ग्रामीण इलाकों में और 32,000 शहरी इलाकों में है। ज्यादा मशीनीकरण से बीते कुछ सालों के दौरान नर मवेशियों की खेती में उपयोग में कमी आई है। इससे नर पशुओं की संख्या आबादी के अनुपात में काफी बढ़ी है।"

धनखड़ ने कहा, "आर्थिक वजह से किसान अपने बेकार पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। इससे आवारा मवेशियों की संख्या बढ़ी है। यह आवारा मवेशी ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, साथ ही शहरी इलाकों में यह यातायात संबंधी दिक्कतें पैदा करते हैं।"

हरियाणा में वर्तमान में 408 गौशालाओं में 306,490 जानवरों को आश्रय दिया गया है।

हरियाणा की भाजपा सरकार ने राज्य में गायों की संरक्षण के लिए हरियाणा गौवंश संरक्षण और गौसंवर्धन अधिनियम, 2015 लागू किया है।

--आईएएनएस 

 

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