हरियाणा : जाटों का आंदोलन फिर शुरू, स्थिति नियंत्रण में

चंडीगढ़: हरियाणा में जाट समुदाय के एक हिस्से ने नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर रविवार से अपना आंदोलन दोबारा शुरू किया। पुलिस ने बताया है कि हिंसा की अब तक कहीं से भी कोई खबर नहीं आई है और स्थिति नियंत्रण में है। हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मोहम्मद अकील ने कहा, "कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और राज्य के किसी भी कोने से हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।" 

उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में आंदोलनकारियों ने ज्ञापन सौंपे हैं जबकि कुछ जिलों में धरने पर बैठे हैं। लेकिन, वे सड़क या रेल मार्ग से दूर हैं। 

अधिकारी ने कहा कि राज्य पुलिस ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए चंडीगढ़ में एक दंगा नियंत्रण कक्ष बनाया है।  

उन्होंने कहा कि इस नियंत्रण कक्ष की प्रारंभिक भूमिका पूरे राज्य से सूचना एवं खुफिया जानकारी जुटाने की है। उसके बाद इन रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर हमलोग आगे की कार्रवाई तय करेंगे। 

अकील ने कहा कि नियंत्रण कक्ष का टेलीफोन नंबर 2740390 जनता को मुहैया कराया गया है। कोई भी इस नियंत्रण कक्ष को फोन कर दंगे से जुड़ी कोई सूचना या कोई सुझाव दे सकता है। 

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने जाट एवं अन्य समुदाय के लिए आरक्षण की हरियाणा सरकार की अधिसूचना पर रोक लगा दी है। 

इसी के बाद आल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) ने फिर से आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया। 

एआईजेएएसएस के नेता यशपाल मलिक ने आश्वस्त किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। 

हरिणाया ने अपने पांच दशकों के इतिहास में इस साल फरवरी में जाट आंदोलन के दौरान हिंसा का सबसे खराब दौर देखा था।

आंदोलन के दौरान 30 लोगों की जान गई थी, 320 लोग घायल हुए थे और सैकड़ों करोड़ की संपत्ति बर्बाद हुई थी। करीब 10 दिनों तक राज्य पंगु बना रहा था। 

--आईएएनएस

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