हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान 10 मरे, 150 घायल : पुलिस

चंडीगढ़: हरियाणा में उग्र व हिंसक हो चुके जाट आंदोलन के दौरान 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 150 घायल हो गए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक वाई. पी. सिंघल ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि इस आंदोलन से सबसे अधिक प्रभावित रोहतक, भिवानी और झज्जर जिलों में शनिवार रात से ही हिंसा जारी है। 

उन्होंने कहा, "रिपोर्ट के अनुसार, 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, शनिवार रात से पुलिस कार्रवाई या प्रदर्शन में किसी के भी मरने की सूचना नहीं है।"

हरियाणा में जाट आंदोलन रविवार को आठवें दिन भी जारी है। इसके कारण हजारों लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

आंदोलन के कारण देश के लगभग सभी उत्तरी राज्यों का संपर्क दिल्ली से संपर्क टूट गया है। हरियाणा से होकर गुजरने वाले सभी राजमार्गो को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है, जिसके कारण दिल्ली से जाने और यहां आने वाली सभी बसों की सेवा फिलहाल रोक दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने रेल परिचालन भी बाधित किया है, जिसके कारण रेलगाड़ियों का परिचालन भी रद्द कर दिया गया है।

सड़क व रेलमार्ग बंद होने से विमानों में सफर महंगा हो गया है। लोगों को चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच एक घंटे का हवाई सफर तय करने के लिए 25,000 रुपये से 55,000 रुपये तक का किराया देना पड़ रहा है।

सिंघल ने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकार की प्राथमिकता दिल्ली में पानी का आपूर्ति बहाल करना है।

उन्होंने कहा कि मुनक नहर से जहां दिल्ली को जलापूर्ति बाधित की गई है, वहां अर्धसैनिक बलों के जवान और सिंचाई विभाग के अधिकारी पहुंच चुके हैं और जलापूर्ति बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने इससे इनकार किया कि राज्य में तैनात की गई सेना और राज्य प्रशासन के बीच तालमेल में किसी तरह की कमी है। उन्होंने कहा, "हरियाणा पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच पूर्ण समन्वय है। नागरिक प्रशासन की मदद के लिए सेना तैनात की गई है।"

डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आंदोलन प्रभावित जिलों के लिए एक कार्य योजना तैयार की है और एनएच-1 सहित अन्य राजमार्गो पर यातायात को बहाल करने के लिए प्रयास जारी हैं। 

सिंघल ने कहा, "हम शहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने सुरक्षा बलों के जरिए 'नाइट-डोमिनेंस' शुरू कर दिया है।"

उन्होंने कहा कि हरियाणा पहुंची सेना की 69 टुकड़ियों को रोहतक और झज्जर सहित आंदोलन प्रभावित अन्य जिलों में तैनात किया गया है। 

सिघल ने कहा, "केंद्र ने अर्धसैनिक बलों की 49 टुकड़ियां भेजी हैं। 39 टुकड़ियां पहुंची हैं और 24 को तैनात कर दिया गया है। बाकी टुकड़ियों को तैनाती के लिए लाया जा रहा है।"

डीजीपी ने कहा कि हिंसा के 291 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 45 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। 

आंदोलनकारियों की भीड़ में घुसे असामाजिक तत्वों ने कई स्थानों पर सरकारी संपत्तियों, बसों और दूसरे निजी वाहनों और संपत्तियों को आग लगा दी।

हिसार, सोनीपत और जिंद जैसे हिंसाग्रस्त इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कैथल से भी आंदोलन की खबरें आ रही है। रोहतक, भिवानी और झज्जर शहरों में शुक्रवार शाम से ही कर्फ्यू लगा दिया गया था।

दिल्ली से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 (एनएच-1) को भी प्रदर्शनकारियों ने सोनीपत और पानीपत जिलों में कई स्थानों पर जाम कर रखा है। 

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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