हरियाणा में जाट आंदोलन का 8वां दिन, 8 की मौत

चंडीगढ़: हरियाणा में जाट आंदोलन रविवार को आठवें दिन भी जारी है और इसके उग्र तथा हिंसक हो जाने के कारण हजारों लोग तनावग्रस्त माहौल का सामना कर रहे हैं। उग्र रूप ले चुके इस आंदोलन का प्रभाव पूरे राज्य में देखा जा रहा है, जहां अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। तीन लोगों की मौत शुक्रवार को हुई थी, जबकि पांच की जान शनिवार को गई।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया, "प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही आगजनी और गोलीबारी को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से की गई कार्रवाई में झज्जर जिले में चार और कैथल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। रोहतक में पांच लोग घायल हुए। इसके अलावा झज्जर जिले में पुलिसकर्मियों सहित कुल 10 लोग घायल हुए।"

रोहतक में शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

आंदोलन के कारण देश के लगभग सभी उत्तरी राज्यों का संपर्क दिल्ली से संपर्क टूट गया है। हरियाणा से होकर गुजरने वाले सभी राजमार्गो को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है, जिसके कारण दिल्ली से जाने और यहां आने वाली सभी बसों की सेवा फिलहाल रोक दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने रेल परिचालन भी बाधित किया है, जिसके कारण रेलगाड़ियों का परिचालन भी रद्द कर दिया गया है।

सड़क व रेलमार्ग बंद होने से विमानों में सफर महंगा हो गया है। लोगों को चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच एक घंटे का हवाई सफर तय करने के लिए 25,000 रुपये से 55,000 रुपये तक का किराया देना पड़ रहा है।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल ने हरियाणा में कानून-व्यवस्था की समस्या पर दिल्ली में बैठक की। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आंदोलनकारियों से हिंसा रोकने की अपील की, जबकि उनकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आंदोलनकारियों को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत का आमंत्रण दिया। 

वहीं, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करने की बात कही।

भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (इनेलो) के नेता अभय चौटाला ने बिगड़ती स्थिति को देखते हुए खट्टर सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को भी कई सरकारी और निजी संपत्तियों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। 

हिसार, सोनीपत और जिंद जैसे हिंसाग्रस्त इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कैथल से भी आंदोलन की खबरें आ रही है। रोहतक, भिवानी और झज्जर शहरों में शुक्रवार शाम से ही कर्फ्यू लगा दिया गया था।

दिल्ली से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 (एनएच-1) को भी प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है। 

राजमार्ग के साथ-साथ कई इलाकों में वाहन खड़े हैं और लोग वहां फंसे हुए हैं।

रोहतक और झज्जर जिलों में एनएच-10 और एनएच-71 राजमार्ग भी प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखे हैं। 

दिल्ली और लाहौर के बीच चलने वाली 'सदा-ए-सरहद' बस सेवा और समझौता एक्सप्रेस भी इस आंदोलन के कारण प्रभावित हुई है। 

सोनीपत और पानीपत में दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक को भी प्रदर्शनकारियों ने बंद कर रखा है।

इस आंदोलन का सबसे अधिक प्रभाव रोहतक, सोनीपत, झज्जर, भिवानी, हिसार, जिंद, कैथल और पानीपत जिलों में देखा जा रहा है। इन जिलों में सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर बनी हुई है।

जाट आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए शनिवार को राज्य के कई इलाकों में सेना ने फ्लैग मार्च किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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