हरियाणा के मृत तीर्थयात्रियों के परिजनों ने मांगी शेष मुआवजा राशि

गुड़गांव: गुड़गांव के 20 कांवड़ियों के परिवार के लोग हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से खफा हैं। मुख्यमंत्री ने 2010 में सड़क दुर्घटना में मारे गए हर कांवड़िये के आश्रितों को अपने कोष से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री का वादा कथित रूप से पूरा नहीं हो पाया है।

एक ग्रामीण कनवार सिंह ने आईएएनएस को बताया, "बघनकी गांव के दौरे के समय हुड्डा ने मृतकों की विधवाओं को नौकरी सहित हमें सभी संभव सहायता देने का वादा किया था। तीर्थयात्रियों की याद में एक क्रीड़ांगन बनवाने का भी वादा किया था, लेकिन सभी वादे अधूरे हैं।"

मृतकों के आश्रितों में से हर एक को हुड्डा सरकार से एक-एक लाख रुपये मिल चुके हैं, फिर भी उत्तराखंड में सड़क हादसे में मारे गए कांवड़ियों के आश्रितों ने मुख्यमंत्री पर दो लाख रुपये देने का वादा भूल जाने का आरोप लगाया है।

राज्य सरकार से एक लाख रुपये प्राप्त करने के अलावा हर पीड़ित परिवार को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संघीय योजना के तहत एक-एक लाख रुपये मिले हैं। अब पीड़ितों के परिवार मुआवजे राशि के शेष एक लाख रुपये जारी करने की मांग कर रहे हैं।

जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर स्थित बघनकी गांव में रहने वाले कुछ पीड़ित परिवारों ने दावा किया कि दुर्घटना में कमाने वाले की मौत के कारण वे रोजी-रोटी की समस्या से जूझ रहे हैं।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में डाबरानी खड्ड में 30 जुलाई 2010 को कांवड़ियों को ले जा रहा ट्रक खाई में गिर गया था। इस दुर्घटना में बघनकी गांव के सरदारा सिंह के चार पोते मारे गए थे। दुर्घटना में मारे गए सभी की उम्र 25 वर्ष से कम थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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