गुड़गांव में प्रभावी कचरा प्रबंधन की जरूरत : विशेषज्ञ

गुड़गांव: दिल्ली के समीप प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र गुड़गांव में बुधवार को विशेषज्ञों ने प्रभावी कचरा प्रबंधन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का आयोजन सिटीजेन इनीशिएटिव गुड़गांव फर्स्ट द्वारा किया गया, जिसमें डीएलएफ फाउंडेशन की एक इकाई गुड़गांव रिलीवल मिशन से भी सहयोग मिला।

गुड़गांव फर्स्ट के फाउंडेशन निदेशक शुभ्रा पुरी ने कहा, "गुड़गांव के स्मार्ट और टिकाऊ शहर बनने के लिए इसके पास एक प्रभावी कचरा प्रबंधन पद्धति होनी चाहिए, जिसमें पुनर्चक्रण और पुनरोपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।"

डीएलएफ के लेफ्टिनेंट जेनरल (सेवानिवृत्त) राजेंद्र सिंह ने कहा, "सभी तरह के कचरों में बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कचरा सबसे तेजी से चुनौती के रूप में बढ़ता जा रहा है, जिसका तेजी से समाधान किया जाना जरूरी है।"

तेज विकास से गुड़गांव में हर तरह के कचरे फैल रहे हैं, जो नागरिकों के लिए गंभीर स्वास्थ्य और स्वच्छता समस्या बन रहे हैं।

एक प्राधिकार के मुताबिक शहर में करीब 600 टन नगरपालिका ठोस अपशिष्ट जमा होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक है।

कार्यशाला में कंपनियों और गुड़गांव, फरीदाबाद, अहमदाबाद और दिल्ली नगरपालिका के प्रतिनिधि और केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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