बेच रहे थे गोमांस की बिरयानी, पुलिस ने किया सात मुस्लिमों को गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने सोमवार को गोमांस की बिरयानी बेचने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, मामला मेवात के फिरोजपुर झिरखा थाने में सात मुस्लिमों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इन पर कथित तौर पर गोमांस की बिरयानी बेचने और उसका व्यापार करने का आरोप है। दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, मामले में वकील, साजिद, हाकिम, जमशेद, इरशाद, फारूक और इसराइल नाम का शख्स आरोपी हैं। इसराइल फिरोजपुर झिरका के निकट रावल गांव का निवासी है, जबकि बाकी सभी छह आरोपी दोहा गांव के निवासी हैं।

आरोपियों पर हरियाणा गोवंश संरक्षण व गौसंवर्धन अधिनियम, 2015 व पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हरियाणा गोवंश संरक्षण व गौसंवर्धन अधिनियम के तहत गौकसी मामले में 10 साल कारावास की सजा का प्रावधान है। याचिकाकर्ता के वकील रवि शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “हरियाणा पुलिस ने सोमवार को प्राथमिकी की एक प्रति पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में जमा की है।”

मामले में शिकायतकर्ता व पशु कल्याण बोर्ड के नरेश कादयान ने फिरोजपुर झिरका के उप न्यायिक दंडाधिकारी से संपर्क किया और पुलिस के प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। मेवात के सातों बिरयानी विक्रेताओं से मांस के नमूने एकत्र किए गए हैं जिसकी सरकारी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी।बता दें कि पिछले साल भी ईद के आसपास मेवात में पुलिस ने कई जगहों से बिरयानी के सैंपल कलेक्ट किए थे। उनमें से कुछ सैंपल में गोमांस होने की पुष्टि हुई थी। हिसार के सरकारी प्रयोगशाला ने जांच कर इसकी पुष्टि की थी। हरियाणा पुलिस द्वारा सैंपल कलेक्शन पर तब भी कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। गौरतलब है कि मेवात हरियाणा का मुस्लिम बहुल जिला है। यहां सड़क किनारे और रेस्टोरेन्ट में बिरयानी बेचने का चलन है।

 

 

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