स्कूल में बच्चे का यौन शोषण नहीं कर सका तो गला, कान काट दिया और हाथ धोकर निकल गया कंडक्टर

गुरूग्राम में रयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार (8 सितंबर) सात वर्षीय एक छात्र की गला रेतकर हत्या कर दी गयी और वह शौचालय में खून से लथपथ पड़ा मिला। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि छात्र की हत्या कथित रूप से बस कंडक्टर ने की है और उसने बच्चे का यौन शोषण करने का भी प्रयास किया था। पुलिस ने इस हत्याकांड के कुछ ही घंटो बाद इसे सुलझा लेने का दावा करते हुए कहा कि इस मामले में स्कूल के बस कंडक्टरों में से एक अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरूग्राम के डीसीपी सुमित कुहर ने कहा‘‘ कथित हत्यारे ने कक्षा दो के छात्र का यौन शोषण करने का भी प्रयास किया लेकिन छात्र ने इसका विरोध किया और चिल्लाया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी और हत्यारा चाकू छोड़कर भाग गया।’’

पुलिस ने कहा था कि उसने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। अशोक कुमार से एक टीम ने पूछताछ की जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल लिया। लड़के के पिता एवं गुरूग्राम में एक निजी फर्म में गुणवत्ता प्रबंधक के तौर पर कार्यरत वरूण ठाकुर ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे बताया कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्होंने मेरे पुत्र की देखभाल नहीं की। उसे यदि समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो उसका जीवन बच सकता था।’’

दुखी पिता ने कहा, ‘‘ मैंने उसे आज सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल छोड़ा था। वह बहुत खुश था।’’ इस घटना के बाद निराश सैकड़ों अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने निजी स्कूल के बाहर इकट्टा होकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि कुछ छात्रों ने सोहना क्षेत्र में स्थित स्कूल इमारत के शौचालय में पीड़ित बच्चे को सुबह साढे आठ बजे देखा।

गुड़गांव पुलिस के जन संपर्क अधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया, ‘‘छात्रों ने शिक्षकों को सूचना दी और स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। छात्र को आर्टेमिस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’’ पुलिस ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार ने उन्हें बताया कि वह स्कूल के भीतर चाकू इसलिए ले जा सका क्योंकि वह जानता था कि गेट पर सुरक्षा गार्ड उसकी जांच नहीं करेंगे क्योंकि वह जाना पहचान चेहरा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि इसके बाद वह शौचालय गया और वहां किसी छात्र का इंतजार करने लगा। जैसे ही बच्चा शौचालय में आया तो कुमार ने उसे पकड़ लिया। लेकिन बच्चे ने इसका विरोध किया और आरोपी बच्चे का यौन शोषण नहीं कर सका और उसका गला तथा एक कान काट दिया।

पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपी ने अपने हाथ धोये और चाकू छोड़कर शौचालय के बाहर टहलने लगा। उसने बच्चे को अस्पताल ले जाने के दौरान शिक्षकों की मदद करने का भी प्रयास किया। पुलिस ने इससे पूर्व बताया था कि एक माली, कंडक्टरों और चालकों समेत 10 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

इस बीच स्कूल ने एक बयान में कहा कि ‘‘ इस घटना से बहुत दुख पहुंचा है।’’ बयान में कहा गया ‘‘बच्चा गंभीर रूप से घायल था और उसे स्कूल हैड द्वारा तुरन्त अस्पताल ले जाया गया। काफी प्रयासों के बावजूद दुर्भाग्यवश उसे नहीं बचाया जा सका।’’ बयान में कहा गया है कि मामले की जांच में स्कूल पुलिस के साथ सहयोग करेगा। फोरेंसिक विशेषज्ञों समेत पुलिस की एक टीम ने इससे पूर्व खून के नमूने इकट्टा किये थे, शौचालय से अंगुलियों के निशान लिये थे और मौके से बरामद चाकू को जांच के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

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