वीडियो में आदेश देते दिखे तटरक्षक अधिकारी का इससे इंकार

नई दिल्ली/बेंगलुरू : तट रक्षक महानिरीक्षक बी.के.लोशाली ने बुधवार को मीडिया की उन खबरों का खंडन किया, जिसमें कहा गया है कि 31 दिसंबर की रात उन्होंने पोरबंदर से दूर समुद्र में संदिग्ध पाकिस्तानी नौका को उड़ाने के आदेश दिए थे। हालांकि अंग्रेजी समाचार पत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' के वीडियो में उन्हें नौका उड़ाने का आदेश देते हुए दिखाया गया है। वीडियो में लोशाली को कहते सुना जा रहा है, "नौका उड़ा दो। हम उन्हें बिरयानी परोसना नहीं चाहते।"

लोशाली ने हालांकि यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मीडिया रपटों को गलत व तथ्यहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि जिन मीडिया रपटों में यह कहा गया है कि उन्होंने संदिग्ध नौका को उड़ाने के आदेश दिए थे, वे गलत व तथ्यहीन हैं।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "वह अभियान मेरे अंतर्गत नहीं हुआ था। मुझे इस बारे में पूरी सूचना नहीं थी।"

इंडियन एक्सप्रेस ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर वीडियो जारी किया, जिसमें लोशाली को 16 फरवरी को सूरत में आयोजित एक समारोह में बोलते हुए दिखा गया है। एक मिनट से थोड़ा अधिक समय के इस वीडियो में तटरक्षक अधिकारी को कहते दिखाया गया है, "मुझे उम्मीद है कि आपको 31 दिसंबर की रात याद है। हमने पाकिस्तान की नौका उड़ा दी थी। मैं गांधीनगर में था और मैंने रात में कहा कि नौका उड़ा दो। हम उन्हें बिरयानी नहीं परोसना चाहते।"

जनवरी में पर्रिकर ने कहा कि पाकिस्तानी नौका, जो गुजरात के तट से सटे समुद्र में विस्फोट के बाद डूब गया था, में सवार लोग तस्कर नहीं आतंकवादी थे।

उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की थी कि एक अन्य नौका का भी पता लगा था, लेकिन वह अंतर्राष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में था।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, संदिग्ध नौका को तटरक्षक ने खुफिया जानकारी के आधार पर गुजरात के पोरबंदर तट से 365 किलोमीटर दूर अरब सागर में 31 दिसंबर की रात रोका था, जिसके बाद इसमें विस्फोट हो गया और यह समुद्र में डूब गया। माना जाता है कि इसमें चार लोग सवार थे।

इस नाटकीय घटनाक्रम ने 2008 में पाकिस्तानी आतंकवादियों के समुद्र के रास्ते मुंबई में प्रवेश करने की याद दिला दी थी।

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