गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार के सशस्त्र तख्तापलट की थी साजिश!

एटीएस ने खुलासा किया है कि जब गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार थी तब सशस्त्र तख्तापलट की साजिश रची गई थी। सात साल पहले गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत सूरत में एक केस के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए सीपीआई का सदस्य और आंध्र प्रदेश का जोनल हेड श्रीरामुला व्‍यंकटम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि व्यंकटम साल 2010 में सूरत आया था। इस दौरान यहां रहते हुए व्यंकटम ने बाहर से आए मजदूरों और स्थानीय मजदूरों को सरकार के खिलाफ भड़काना शुरु किया। वह करीब दस महीने तक गुजरात में रहा।

गुजरात और महाराष्ट्र में अपनी हानिकारक गतिविधियों को छिपाने के लिए व्यंकटम ने कई अपंजीकृत संगठनों का गठन किया था। इस तरह उसने करीब 90 से 100 संगठन बना लिए थे ताकि कोई उसपर शक न कर सके। वह अपने कैडर्स को जंगल में भेजकर हथियारों के साथ उन्हें ट्रेनिंग दिलवाता था। गुजरात सरकार का तख्तापलट कराने की साजिश रचने के अलावा व्यंकटम ने 2003 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू की हत्या करने की भी योजना बनाई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार व्यंकटम छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड और आंध्र प्रदेश में नक्सली गतिविधियों के लिए पैसों की उगाही भी किया करता था।

2007 में व्यंकटम को ओडिशा में गिरफ्तार किया था लेकिन वह ज्यादा समय तक जेल में नहीं रहा क्योंकि उसके साथियों ने जिला कलेक्टर का अपहरण कर लिया और फिर मजबूरी में पुलिस को उसे रिहा करना पड़ा था। नक्सली गतिविधियों में शामिल होने के केस में एटीएस ने व्यंकटम के अलावा 24 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें से 20 लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तारी कर चुकी थी। एटीएस अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले हमने एक महीने पहले तुषार भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया था और व्यंकटम को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि काबोद गांधी और सीमा ईरानी अभी भी फरार हैं लेकिन ईरानी के पति को हम पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं।

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