कई चुनौतियों के बीच भाजपा का गुजरात में ‘मिशन 150’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करीब डेढ़ दशक बाद नरेंद्र मोदी के बिना गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है, जहां पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात में सत्ता बरकरार रखते हुए ‘मिशन 150’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी और पाटीदार आंदोलन से जुड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।  गुजरात के दौरे पर गए भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने कुछ समय पहले कहा था कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब हमने गुजरात विधानसभा चुनाव में 128 सीटें जीती थीं, अब वे प्रधानमंत्री हैं । भाजपा को कम से कम 150 सीटें जरूर जीतनी चाहिए । गुजरात में अभी विजय रूपानी मुख्यमंत्री हैं।  मतदाताओं को जोड़ने की पहल के तहत भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को नीचे तक पहुंचाने पर जोर दे रही है ताकि विकास की दौड़ में पिछड़ गए समाज के अंतिम व्यक्ति तक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो भी किया था। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं ।

भाजपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रवक्ता सैय्यद शाहनवाज हुसैन ने से कहा, प्रधानमंत्री मोदी के विकास के मंत्र के साथ हम गुजरात, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में रिकॉर्ड जीत दर्ज करेंगे । हम गुजरात को भाजपायुक्त और हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक को कांग्रेस मुक्त करेंगे। अब जब विधानसभा चुनाव कुछ महीने दूर रह गए हैं, ऐसे में भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत बूथ प्रबंधन अभियान की शुरुआत एक जनजातीय इलाके से की है। दरअसल, परंपरागत रूप से भाजपा का समर्थक माना जाता रहा शक्तिशाली पटेल समुदाय सरकारी कॉलेजों और नौकरियों में आरक्षण नहीं दिए जाने की वजह से इस बार सत्तासीन पार्टी से नाराज है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाले पाटीदार समुदाय के आंदोलन का भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी अन्य समुदायों के बीच पकड़ और समर्थन को मजबूत करने की कोशिश में है । इस कवायद में 15 प्रतिशत जनजातीय वोट अहम भूमिका निभा सकते हैं ।

भाजपा ने अपने अभियान के केंद्र में ‘युवाओं’ और ‘दलित समेत समाज के कमजोर वर्गों’ के सशक्तीकरण औरं ‘विकास’ को रखा है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हर राज्य के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत का लक्ष्य रखा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विभिन्न राज्यों के भाजपा सांसदों से मुलाकात कर चुके हैं। ओड़िशा में भी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में इस बारे में मंथन हुआ और एक खाका तैयार किया गया। पार्टी, सरकार की जन कल्याण योजनाओं और उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। गुजरात में भाजपा 19 साल से सत्ता में है और लंबे अरसे बाद पहली बार नरेंद्र मोदी के चेहरे के बिना पार्टी चुनाव में उतरेगी. 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव में भाजपा ने ‘मिशन 150’ का लक्ष्य बनाया है।

हुसैन ने कहा कि गुजरात ने नरेंद्र मोदी को कई बार मुख्यमंत्री बनाया और आज उसी गुजरात के मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। पूरे देश में नरेंद्र मोदी को जनादेश मिला है। गुजरात का विकास का मॉडल लोगों के सामने हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर भाजपा गुजरात में जीत का रिकार्ड बनाएगी। पार्टी की संगठनात्मक तैयारी के तहत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव को गुजरात प्रदेश इकाई का प्रभारी नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में इस वर्ष के अंत में चुनाव होने वाले हैं ।भाजपा शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने तीन-चौथाई बहुमत से जीत हासिल की है, गुजरात में तो इससे भी बड़ी जीत होनी चाहिए। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने जो विकास का मॉडल विकसित किया है, आज वह गुजरात मॉडल के रूप में देश और दुनिया के सामने है, आज पूरे विश्व में इसकी चर्चा होती है।

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