बोनस में कार और फ्लैट बांटने वाले हीरा व्यापारी ने सालों से नहीं चुकाई कर्मचारियों के पीएफ की रकम

 

 

 

दिवाली पर अपने कर्मचारियों को बोनस के रूप में कार, फ्लैट और ज्वैलरी देने वाले सूरत के हीरा व्यापारी एक बार फिर खबरों में हैं। इस बार वे कर्मचारियों को पीएफ नहीं चुकाने की वजह से चर्चा में हैं। 6 हजार करोड़ रुपए की कंपनी हरे कृष्ण एक्सपोर्ट के चेयरमैन सावजी ढोलकिया अभी पीएफ मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ सूरत रीजनल ब्रांच ने उन्हें एक नोटिस जारी की है। यह नोटिस कर्मचारियों के पीएफ में 16.66 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में दिया गया है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक अगर विभाग इस मामले में कार्रवाई करता है तो कंपनी का बैंक अकाउंट भी सीज हो सकता है। विभाग ने कंपनी को शुक्रवार को एक नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी में डायमंड वर्कर सहित 3,165 कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन 17 कर्मचारियों को ईपीएफ के तहत रजिस्टर करवाया गया है। यह पीएफ और फैक्ट्री एक्ट का उल्लंघन है। इसके साथ ही कहा गया कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के ईपीएफ की रकम कई वर्षों से जमा नहीं कराई गई है।

 

विभाग इस मामले की दो साल से जांच कर रहा था, इसके बाद शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने कंपनी से कहा कि वह 15 दिनों में जुर्माना के तौर पर 12 फीसदी सालाना ब्याज के साथ 16.66 करोड़ रुपए जमा कराए। इसके साथ ही कहा गया है कि वार्षिक नुकसान के तौर पर 25 फीसदी रकम भी जमा कराई जाए।

 

बता दें, साल 2014 में अपने कर्मचारियों को दिवाली के बोनस के रूप में कार, मकान और ज्वैलरी देने वाले सूरत के हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया ने साल 2016 में भी अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस के रूप में कार, फ्लैट और ज्वैलरी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2016 में उन्होंने 400 फ्लैट और 1,260 कारें और 56 कर्मचारियों गिफ्ट की थीं। उनकी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस के लिए 51 करोड़ रुपए खर्च किए थे।

 

साल 2014 में ढोलकिया ने दिवाली बोनस के रूप में अपने 1300 से ज्यादा कर्मचारियों को कार, मकान और ज्वैलरी दी थी। साल 2015 में कंपनी ने 491 कारें और 200 फ्लैट गिफ्ट किए थे। जिन कर्मचारियों को यह बोनस दिया गया, उनमें करीब 1200 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी तनख्वाह दस हजार से 60 हजार रुपए तक है।