कभी भजिए बेचने वाले शख्स के यहां इनकम टैक्स के छापे में मिली 400 करोड़ की प्रॉपर्टी

सूरत: सूरत में कभी 25 पैसे में चाय बेचने वाला किशोर भजियावाला 31 साल में 400 करोड़ रुपए का आसामी बन गया। इनकम टैक्स (आईटी) डिपार्टमेंट को सर्च ऑपरेशन के दौरान इस फायनेंसर के यहां से मिले दस्तावेज में कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। फाइनेंसर के यहां सील किए गए 16 लॉकरों में से 5 किलो सोने के बार, 8 किलो सोने की ज्वेलरी, 1 किलो डायमंड ज्वेलरी, 1.25 किलो चांदी की ज्वेलरी और करोड़ों रुपए मिले हैं। कुल प्रॉपर्टी का अभी अनुमान नहीं...
- आईटी अधिकारी भजियावाला की अभी कुल प्रॉपर्टी का पता नहीं लगा पाए हैं। दस्तावेजों से कयास लगाया जा रहा है कि यह करीब 400 करोड़ की हाेगी।
- भजियावाला के पास कितनी प्रॉपर्टी है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे हर महीने 3.5 करोड़ रुपए ब्याज और 4 करोड़ रुपए किराया मिलता है।
- 4 दिन की पड़ताल में इसके 16 लॉकरों का पता चला है। इनके अलावा कई अन्य प्रॉपर्टीज का पता चला है।
90 लाख रुपए नकद मिले
- बता दें कि भजियावाला के पहले बेनामी बैंक लॉकर से 90 लाख रुपए कैश मिले थे। सभी नोट दो हजार के थे।
- इनमें एक नंबर के दो नोट भी हैं। आईटी ऑफिसर्स ने इससकी जानकारी आरबीआई को दे दी गई है, ताकि पता चल सके कि ये नोट किस बैंक से जारी किए गए।
- अगर पैसों के इस हेरफेर में बैंकों की मिलीभगत का पता चला तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।
- भजियावाला के यहां 15 ऑफिसर्स की टीम लगातार जांच का कर रही है।
दो चाबियों का सुराग नहीं मिल रहा
- ऑफिसर्स को जांच में दो चाबियां भी मिली हैं। ये किसी तिजोरी की हो सकती हैं, लेकिन उस तिजोरी का पता नहीं चल पा रहा है।
- इन चाबियों के ताले की तलाश में आईटी की एक टीम पीपुल्स बैंक भी भेजी गई थी।
कितने खातों में ढाई-ढाई लाख रुपए जमा किए
- आॅफिसर्स के मुताबिक भजियावाला ने मंदिर के एक पुजारी, वॉचमैन और कई दूसरे लोगों के खाते में ढाई-ढाई लाख रुपए जमा कराए हैं।
- कुल कितने खातों में यह रकम जमा कराई गई है, इसका पता लगाया जा रहा है।
जुआ खेलने के लिए देता था रकम
- बताया जाता है कि भजियावाला पहले लोगों को जुआ खेलने के लिए उधार देता था। अगर वे रकम हार जाते तो उनकी प्रॉपर्टी अपने नाम करा लेता था।
- फिर दी गई रकम पर ब्याज लगाकर धीरे-धीरे पूरी प्रॉपर्टी हड़प लेता था। ऐसे कई लोग मिले हैं जो भजियावाला के चंगुल में एक बार फंसे, तो बाहर निकल ही नहीं पाए।
7 घंटे की नींद लेने की इजाजत
- आईटी ऑफिसर भजियावाला और उसके बेटे को सिर्फ 7 घंटे तक नींद की इजाजत देते हैं।
- बाद में उन्हें जगाकर फिर पूछताछ शुरू कर देते हैं। बैंकों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।