सरकारी अधिकारी का उत्पीड़न मामूली अपराध : डिसूजा

णजी: गोवा के उपमुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा ने शुक्रवार को कहा कि एक सरकारी अधिकारी का उत्पीड़न करना एक मामूली अपराध है। उन्होंने यह बात विधायक फ्रांसिस्को पचेको को माफी देने के लिए कैबिनेट द्वारा एक प्रस्ताव को न्यायोचित ठहराते हुए कहा। राज्य सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए डिसूजा ने कैबिनेट के विवादित फैसले को जेल में सुधार का संकेत करार दिया।

डिसूजा ने कहा, "कैबिनेट ने मिक्की (पचेको का उपनाम) की रिहाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की सूची में दर्ज अपराधों में यह एक मामूली अपराध है।"

उल्लेखनीय है कि कैबिनेट ने विधायक को क्षमादान देने के लिए एकमत से बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया। इसे मंजूरी के लिए गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के पास भेजा गया है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, "हम सुधार के युग में हैं। हमारा न्यायशास्त्र कहता है कि हमें दंड देने की जगह लोगों में सुधार लाना चाहिए। हम उन्हें शिक्षित करेंगे। हमारा तंत्र प्रकृति से दंडात्मक नहीं हो सकता।"

पूर्व अभिलेखागार एवं पुरातत्व मंत्री पचेको की पार्टी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का एक हिस्सा है।

साल 2006 में एक सरकारी अधिकारी से मारपीट के मामले में उन्हें जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें एक जून को जेल भेज दिया गया था।

नुवेम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक पचेको के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, द्विविवाह, हमला और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं।

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