पर्यटकों के लिए गोवा ने पेश किया नारियल, काजू

पणजी: पर्यटकों को लुभाने के लिए गोवा ने अपनी खासियत नारियल और काजू का उपयोग करना शुरू किया है।

पर्यटकों के लिहाज से कमजोर सत्र में उन्हें गोवा की ओर आकर्षित करने के लिए गोवा के पर्यटन मंत्रालय ने गत सप्ताह पहला 'नारियल और काजू उत्सव' आयोजित किया, जिसमें दिखाने की कोशिश की गई कि ये दोनों फल और मेवे गोवा के समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और इतिहास से कितने गहरे जुड़े हुए हैं।

संगीत और मनोरंजन के साथ उत्सव में नारियल और काजू के अनेक खाद्य और पेय व्यंजन पेश किए गए।

पणजी में उत्सव का उद्घाटन करने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने आईएएनएस से कहा, "गोवा नारियल और काजू तथा इससे बने खाद्य तथा पेय पदार्थो के लिए मशहूर है। काजू फेनी, उरव, नारियल फेनी को आकर्षक तरीके से उत्सव में पर्यटकों को पेश किया गया।"

नारियल के पेड़ गोवा के लिए उसी तरह हैं, जैसे रेगिस्तान के लिए ऊंट।

नारियल में पोटैशियम काफी मात्रा में पाया जाता है और घंटों तैरने के बाद प्यास बुझाने के लिए इससे बेहतर और कोई पेय नहीं। गोवा के अधिकतर व्यंजनों में नारियल का उपयोग होता है, चाहे वह फिश करी हो, सब्जी हो या मिठाई हो।

नारियल के पेड़ के तने, पत्तियां, फल जैसे अधिकतर हिस्से का जन-जीवन में महत्वपूर्ण उपयोग होने के कारण इसे गोवा का कल्पतरू कहा जाता है। तने का उपयोग घरों की छत बनाने में हो जाता है। पत्तियों का उपयोग भी छप्पर की छौनी करने में हो जाता है, और नारियल फेनी तो लोकप्रिय है ही।

गोवा में काजू ब्राजील से पुर्तगालियों ने लाया था, जिनका दोनों ही जगह उपनिवेश था। आम नाश्ते में उपयोग के साथ इसका मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य पदार्थो में भी इसका उपयोग होता है। साथ ही इससे फेनी भी बनाई जाती है, जो गोवा में काफी लोकप्रिय है।

राज्य के पर्यटन मंत्री दिलीप परुलेकर ने आईएएनएस से कहा, "गोवा में हर व्यक्ति के लिए नारियल और काजू काफी महत्वपूर्ण है। हम उसका उपयोग दुनिया को दिखाना चाहते हैं। पहली बार हमने यह आयोजन किया है। पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचे, जिसकी काफी खुशी है। हम इसे सालाना उत्सव बनाना चाहते हैं।"

उत्सव में कई कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं, जिसमें नारियल पेड़ पर चढ़ने की कला, फेनी बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन, नारियल और काजू के हस्तशिल्प और रसोई शामिल हैं।

पारसेकर ने कहा कि इस तरह के आयोजन से कमजोर पर्यटन सत्र में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

पारसेकर ने कहा, "इन दिनों विदेशी पर्यटक अधिक नहीं आ रहे हैं, लेकिन घरेलू पर्यटक गोवा आ रहे हैं। ऐसे उत्सव घरेलू पर्यटकों को लक्षित कर ही डिजाइन किए गए हैं।"

गोवा में हर साल 30 लाख पर्यटक पहुंचते हैं, जिसमें से करीब पांच लाख विदेशी होते हैं।

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