गोवा सरकार ने लोकायुक्त विधेयक से भारी जुर्माने का प्रावधान हटाया

गोवा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने मंगलवार को राज्य के लोकायुक्त विधेयक से एक विवादास्पद प्रावधान हटा दिया। हटाए गए प्रावधान के तहत गलत शिकायतों के लिए 10 लाख रुपये तक जुर्माना और छह माह तक कैद की व्यवस्था की गई थी।

गोवा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा में गोवा लोकायुक्त विधेयक (प्रथम संशोधन) 2013 पेश किया गया।

संशोधित विधेयक में सर्वाधिक चर्चित अनुच्छेद आठ को हटा लिया गया है। इसके तहत गलत मंशा या निहित उद्देश्य के साथ सार्वजनिक कर्मियों की छवि खराब करने या उनके सम्मान को धक्का पहुंचाने अथवा मनगढं़त या कष्ट पहुंचाने वाली शिकायत दायर करते हुए झूठा शपथ पत्र दायर करने पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया था।

संशोधन पेश करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि अब एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकेगा।

जुर्माने की भारी राशि की सबसे ज्यादा आलोचना आम आदमी पार्टी (एएपी) की गोवा इकाई ने की थी। पार्टी ने दावा किया है कि अधिनियम का यह प्रावधान कठोर है और इसका इस्तेमाल शिकायतकर्ताओं पर दबाव डालने के लिए किया जा सकता है।

संशोधन, बजट सत्र के दौरान पारित होने की उम्मीद है। सत्र 2 मई तक चलेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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