सरकारी काफिला छोड़कर लेडीज ऑटो में जा बैठे सीएम रमन सिंह

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह की एक तस्वीर सोशल पर चर्चा में है. दरअसल, इस तस्वीर में रमन सिंह जिस ऑटो में बैठे हैं, उसे एक महिला चला रही है. सीएम रमन सिंह भूल से इस महिला के ऑटो में नहीं बैठे थे, बल्कि उन्होंने समाज को एक संदेश देने के लिए यह फैसला किया है. लोक सुराज अभियान के पांचवें दिन सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ऑटोरिक्शा में बैठकर गांधी चौक से कलेक्ट्रेट पहुंचे. सरगुजा जिले का अंबिकापुर प्रदेश का एकमात्र ऐसा शहर है, जहां पर महिलाएं ऑटो चलाती हैं. इसकी तस्वीरें अपने ट्विटर पेज से ट्वीट करते हुए डॉक्टर रमन सिंह ने लिखा, 'अंबिकापुर की गीता न केवल पिंक ऑटो चलाती हैं बल्कि वह पूरे राज्य में महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं.' ऑटो में यात्रा करने के बाद रमन सिंह ने इस महिला चालक को किराए के रूप में 500 रुपये दिए. 

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिंक ऑटो का चलन भारत कई शहरों में शुरू हो चुका है. पिंक ऑटो को महिलाएं ही ड्राइव करती हैं और इनपर महिलाएं ही सफर करती हैं.
 
ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह एक महिला मजदूर के घर पहुंचे थे. उस गरीब महिला ने सीएम रमन सिंह को चावल और आम की चटनी खिलाई थी. खाना खाकर खुश हुए सीएम ने महिला से पूछा, 'आपको क्या चाहिए?' इस महिला ने कुआं बनाने की मांग की. सीएम ने नरेगा के तहत तुरंत कुआं बनाने की मंजूरी दी थी.

आम लोगों से मुख्यमंत्री रमन सिंह के इस तरह के मेल-जोल बढ़ाने के तरीके की सोशल मीडिया पर सराहना हो रही है. हालांकि कुछ लोग इसे बस दिखावा बता रहे हैं. 

मालूम हो रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बीजेपी तीन बार से सत्ता में आ रही है. गरीबों को सस्ते चावल मुहैया कराने के चलते छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में रमन सिंह चाउर वाले बाबा भी कहलाते हैं.

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