पुस्तक प्रेमियों को भा रहीं बिहार से जुड़ीं किताबें

पटना, 16 मार्च (आईएएनएस)| बिहार में यों तो तापमान लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस वक्त अगर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंच जाएं तो लगेगा कि किसी को कड़ी धूप की परवाह नहीं है। यहां लगे राष्ट्रीय स्तर के पुस्तक मेले में पुस्तक प्रेमियों की भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष बिहार से जुड़ी पुस्तकें भी स्टॉलों पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं, जिसे लोग हाथों हाथ ले रहे हैं।

प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर बिहार से संबंधित पुस्तकों को पुस्तक प्रेमी खूब पसंद कर रहे हैं। इस प्रकाशन के राजेश शर्मा कहते हैं कि बिहार की कला, संस्कृति और पर्यटन पर आधारित पुस्तकें लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।

प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने की चर्चित संस्थान सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार से संबंधित पुस्तकें भी हैं तो देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद से लेकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन पर आधारित पुस्तकें और वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'सुशासन' पर आधारित पुस्तकें भी खूब बिक रही हैं।

राजेश कहते हैं कि उनके प्रकाशन से बिहार पर करीब 50 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। बिहार के पुराने और नए 15 लेखकों की पुस्तकें भी यहां लाई गई है। वे कहते हैं, "हमारी की यह कोशिश रहती है कि नवोदित लेखकों को आगे लाया जाए और उच्चस्तरीय साहित्य से लोगों को रूबरू कराया जाए।"

पुस्तक मेले में बिहार के लेखक हेमंत की 'बिहार एक खोज' और 'इस देश में जो गंगा बहती है' स्टॉल पर सजी हुई हैं तो बिहार के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट पवन की 'पवन' संग्रह भी लोगों को प्रभात प्रकाशन के स्टॉल पर आने को विवश कर रही है।

बिहार के पत्रकार श्रीकांत की पुस्तक 'बिहार में सामाजिक परिवर्तन', पंकज कुमार झा के 'सुशासन के आइने में बिहार' दीनानाथ सहनी की 'महान गणितज्ञ : आर्यभट्ट' जैसी पुस्तकें भी बिहारी पुस्तक प्रेमियों को बिहार के इतिहास और वर्तमान की जानकारी दे रही हैं। मेले में बिहार के पर्यटन स्थलों की पूरी जानकारी के लिए सुबोध कुमार नंदन की 'बिहार के पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक धरोहर' भी उपलब्ध है।

सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) के बैनर तले 24 मार्च तक चलने वाले इस मेले में पुस्तक प्रेमियों का प्रतिदिन सभी उम्र के पुस्तक प्रेमियों का हुजूम उमड़ रहा है। शाम के समय पुस्तक प्रेमियों की भीड़ के कारण प्रकाशकों के स्टॉल भरे रहते हैं।

राष्ट्रीय पुस्तक मेला में नेशनल बुक ट्रस्ट, साहित्य अकादमी, ऑक्सफोर्ड, वाणी, राजकमल, प्रभात प्रकाशन, एकलव्य प्रकाशन, आधार प्रकाशन समेत देश के करीब 300 प्रकाशकों के स्टॉलों पर विविध विषयों की पुस्तकों की भरमार है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

POPULAR ON IBN7.IN