राजद अल्पसंख्यकों को बरगलाते रही है : नीरज

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव अपनी 'संविधान बचाओ न्याय यात्रा' के मद्देनजर सोमवार को अल्पसंख्यक बहुल जिले किशनगंज में हैं। दोपहर बाद वह एक जनसभा को संबोधत करेंगे। इसके पूर्व ही आंकड़ों का हवाला देते हुए जनता दल (युनाइटेड) ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। 

जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि किशनगंज के आंकड़े यह बताने के लिए काफी हैं कि राजद केवल अल्पसंख्यकों को भय दिखाकर उन्हें बरगलाती रही है। उन्होंने कहा कि किशनगंज जिले में नीतीश कुमार के कार्यकाल में 12 वर्ष की विकास योजनाओं के सामने राजद की 15 साल की शासनकाल के दौरान की विकास योजनाएं कहीं नहीं ठहरती। 

उन्होंने कहा, "तेजस्वी जी, आंकड़े झूठ नहीं बोलते। आंकड़े बताते हैं कि राजद ने अब तक अल्पसंख्यकों को 'राजनीतिक हथियार' के रूप में ही इस्तेमाल किया, परंतु उनके कल्याण की सुध नहीं ली।" 

उन्होंने कहा कि किशनगंज जिले में नीतीश के शासनकाल में 10.60 करोड़ रुपये की लागत से 111 कब्रिस्तानों की घेरांबदी करवाई गई है, जबकि राजद के शासनकाल में ऐसी कोई योजना नहीं थी। किशनगंज जिले के 290 मदरसों (2015-16) में 63,627 छात्र-छात्राएं शिक्षाग्रहण कर रहे हैं। यही नहीं, यहां के 53,457 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को सरकार द्वारा वजीफा दिया जा चुका है। 

उन्होंने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी से सवाल करते हुए कहा कि राजद की सरकार ने इन अल्पसंख्यक परिवारों के लिए क्या किया था वह केवल इतना बता दें। यहां के लोगों के लिए यही सही 'न्याय' होगा। 

उल्लेखनीय है कि तेजस्वी की यात्रा प्रारंभ होने के पूर्व जद (यू) ने राजद की उपाध्यक्ष राबड़ी देवी से राजद के शासनकाल के कामकाज का हिसाब मांगा था। उनके द्वारा अब तक हिसाब नहीं दिए जाने के बाद जद (यू) उस जिले के कामकाज का ब्योरा सामने ला रही है, जिस जिले में तेजस्वी अपनी यात्रा के दौरान पहुंच रहे हैं। 

जद (यू) नेता ने दावा किया कि किशनगंज जिले में 2005-06 में कुल स्कूलों की संख्या जहां 649 और शिक्षकों की संख्या 2,616 थी, वहीं 2015-16 में स्कूलों की संख्या बढ़कर 1,749 व शिक्षकों की संख्या 8,711 तक पहुंच गई। इसी तरह स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या 2005-2006 में जहां 1,70,394 थी वहीं 2015-16 में यह संख्या बढ़कर 4,37,168 हो गई। 

विधान परिषद के सदस्य नीरज ने कहा, "राजद सरकार की पहचान ही अपराध की रही है, यही कारण है कि उस समय के काल को ही 'जंगलराज' कहा जाता है।"

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजद के शासनकाल की तुलना में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में किशनगंज जिले में जहां डकैती के मामलों में 79 फीसदी की कमी आई है, वहीं हत्या के मामलों में दो प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में आठ प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में 20 प्रतिशत तथा सड़क डकैती के मामलों में 75 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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