बिहार सरकार का आदेश, साइकल-यूनिफॉर्म के लिए छात्रों को अब बैंक खाते को आधार से लिंक कराना होगा

पटना: देशभर में इस बात पर बहस जारी है कि सरकारी सुविधा का लाभ उठाने के लिए बैंक अकाउंट का आधार कार्ड से लिंक होना ज़रूरी है या नहीं.  इस बीच, बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने नए आदेश में लाखों विद्यार्थियों को पोशाक (यूनिफॉर्म) और साइकल योजना की राशि के लिये न केवल बैंक अकाउंट रखना अनिवार्य कर दिया है बल्कि छात्रों को अपने आधार कार्ड से भी इन खातों को लिंक कराना होगा. यह आदेश राज्य के मानव संसाधन विभाग ने दिया है. विभाग ने इस बारे में 15 नवंबर तक सारी प्रक्रिया पूरी करने को कहा है. पिछले कुछ वर्षों से 75  प्रतिशत उपस्थिति की अनिवार्यता को इस साल से फिर लागू कर दिया गया है. राज्य सरकार का मानना हैं कि इस क़दम से राज्य सरकार को करोड़ों की राशि की बचत होगी क्योंकि अभी नक़द राशि का भुगतान किया जाता था जिससे बच्चों के नाम पर हर स्कीम में भुगतान लिया जाता था.


राज्य सरकार का मानना है कि फ़िलहाल दो करोड़ से अधिक छात्रों में क़रीब 70  प्रतिशत के पास पहले से ही बैंक अकाउंट है. ऐसे में नया खाता खुलवाने वालों की संख्या ज़्यादा नहीं है. फ़िलहाल साइकल के लिए 2500 रुपए और पोशाक के लिए कक्षा के अनुसार अलग-अलग राशि छात्रों के लिए निर्धारित है.

वैसे, राज्य सरकार के इस फ़ैसले को लेकर उसके सहयोगी ही सवाल उठा सकते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने हमेशा से इस योजना के लाभ को छात्रों के 75  प्रतिशत उपस्थिति से जोड़ने  का विरोध किया हैं. विपक्षी पार्टी आरजेडी ने भी इसे ग़रीबविरोधी क़दम बताया है. उधर, राज्‍य के शिक्षा विभाग ने अपने फैसले को तर्कसंगत बताते हुए कहा कि छात्रों के खाते में अगर पैसा सीधे जाता  है तो  बीच में कमीशन लेने वालों की भूमिका ख़त्म हो जाएगी. राज्य सरकार का ये अब तक का सबसे बड़ा सुधार का कार्यक्रम हैं. बाढ़ राहत के समय भी राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों  के बीच सीधा पैसा उनके अकाउंट में दिया था.

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