जेडीयू छोड़ सकती है बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग, पार्टी नेता आरसीपी सिंह का बड़ा बयान

पटना: एक वक्त था जब बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने बिहार के विशेष राज्य के दर्जे के लिए दिल्ली  के रामलीला मैदान में रैली कर केंद्र सरकार को स्पष्‍ट संकेत दिया था कि विशेष दर्जे से कम पर समझौता नहीं होगा. एक वक्त वो भी आया जब खुद नीतीश कुमार ने कहा कि जो भी पार्टी या गठबंधन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगी, जेडीयू उसके साथ रहेगी. लेकिन इसे बदले सियासी हालात ही कहेंगे कि जेडीयू ने विशेष राज्य के दर्जे की अपनी पुरानी मांग से किनारा कर लिया है और कहा है कि अगर विशेष राज्य का दर्जा मिले बगैर भी कुछ विशेष सुविधा मिले तो पार्टी विशेष दर्जे की मांग छोड़ देगी.


राज्यसभा में पार्टी के नेता और नीतीश कुमार के बेहद करीबी आरसीपी सिंह ने बेहद साफगोई से स्वीकार किया कि हालात बदल गए हैं और बदले हालात में जदयू विशेष दर्जे की अपनी मांग से समझौता करने को तैयार है. हाजीपुर में पार्टी के एक कार्यक्रम में पहुंचे आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी विशेष दर्जे की बजाय विशेष सुविधा भी मिले तो उसका स्वागत करेगी.

उनका कहना है कि परिस्थिति थोड़ी बदली है, केंद्र सरकार में पहले विशेष राज्य का दर्जा देने की जो योजना थी उसमे थोड़ा बदलाव आया है. हमलोंगो का लक्ष्य क्या है, इन्वेस्टमेंट हो, औद्योगिकरण हो, ज्यादा ग्रांट मिले और सरकार अगर दूसरे माध्यम से भी दे देती है तो भी हम उसका स्वागत करेंगे. हम तो चाहेंगे कि हमें फायदा मिले, हमको दे, चाहे जैसे दे. विशेष राज्य का दर्जा दे या कोई और व्यवस्था कर के दे.

वहीं बेनामी संपत्ति के मामले में घिरे लालू परिवार की बेनामी संपत्तियों में स्कूल खोले जाने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार सरकार पूर्व में भी बेनामी संपत्ति जब्‍त कर उसमें स्कूल खोल चुकी है, ऐसे में आगे भी ऐसा हो तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपने देखा कि बिहार सरकार के रिटायर्ड डीजीपी की जो संपत्ति जब्‍त की गई उसमें भी स्कूल खोला गया एवं बिहार सरकार के पूर्व मुख्य सचिव के घर में स्कूल खोला जा चुका है.

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