सीबीआई ने पूछताछ के दौरान इस तरह की आरजेडी प्रमुख लालू यादव की खातिरदारी

अगर आप एक आरोपी हैं तो सीबीआई आपके साथ कैसा व्यवहार करेगी? ये सोचकर सब सहम जाते हैं पर लालू प्रसाद उनमें से एक नहीं हैं. उन्होंने सीबीआई की पूछताछ के ब्रेक में जमकर "सिम्पल बिहारी खाना", यानी आलू चोखा, अरहर दाल और जीरे में छौंके हुए चावल खाए. यह खाना सीबीआई की कैंटीन में बनाया गया था, वह भी लालू यादव की फरमाइश पर.

सीबीआई के एक अफसर ने एनडीटीवी इंडिया को बताया कि "लालू यादव की मेडिकल हिस्ट्री है इसीलिए उन्होंने कहा कि वे "कम मसाले" का खाना खाते हैं. तो उसी तरह का लंच हमने उन्हें दिया." 

आरजेडी प्रमुख को सीबीआई की कैंटीन से तीन बार चाय भी सर्व की गई. उनसे पूछताछ सीबीआई बिल्डिंग के तीसरे माले पर स्थिति ईओडब्लू के दफ़्तर में हुई. सात घंटे चली पूछताछ के बाद भी लालू यादव के चेहरे पर शिकन नहीं दिखी. सीबीआई के अफसर भी पूरे सम्मान के साथ उन्हें बाहर छोड़ने आए. मेज़बानी में सीबीआई ने कोई कसर नहीं छोड़ी. उनकी मर्सिडीज़ बिल्कुल भीतर तक आई.

लालू यादव, यह बताते हुए कि उन पर आरोप राजनीतिक वजहों से लगाए गए हैं, सहज और बेफिक्र नजर आए. लालू यादव ने अपनी पूछताछ के बाद रिपोर्टरों से कहा "मैंने रेल मंत्रालय में कई बदलाव किए लेकिन इन लोगों ने हमको ही आरोपी बना दिया."

सीबीआई की मेज़बानी से लालू बहुत संतुष्ट दिखे. उन्होंने कहा "सीबीआई का व्यवहार बहुत अच्छा था मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है. वे भी अपना काम कर रहे हैं."

वैसे लालू यादव के साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी सीबीआई मुख्यालय पहुंची.  फ्रंट ऑफिस ने उनसे कोई पहचान पत्र मांगा तो उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल कोई आई कार्ड नहीं है. इस पर कुछ गहमा-गहमी हुई लेकिन फिर  लालू यादव के साथ फोटो खींचकर पास बनाकर उन्हें अंदर जाने दिया गया. एक अफसर ने बताया कि "वे सारे दिन रिसेप्शन में बैठी रहीं. हमने उन्हें भी चाय पिलाई."  यानी 'अतिथि देवो भव' का पूरा पालन सीबीआई ने किया.

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