जब नीतीश ने कहा, मैं मर जाऊंगा तो जदयू का क्या होगा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल (एकीकृत) की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सभी पार्टी नेताओं को यह कहकर चौंका दिया कि “अगर मैं कल मर जाऊँ तो पार्टी का क्या होगा?" नीतीश कुमार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। जब उनसे पूछा गया कि वो "मौत" जैसे शब्द का क्यों प्रयोग कर रहे हैं तो उन्होंने कहा "कौन जानता है कल क्या होगा?" हालांकि बाद में नीतीश ने सफाई दी, "अरे ऐसे ही मुंह से निकल गया था। कुछ खास नहीं।" जदयू के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार नीतीश ने पहली बार ऐसी कोई टिप्पणी की है। 

रिपोर्ट के अनुसार नीतीश कुमार ने कहा कि जब तक वो जिंदा है बिहार में शराबबंदी नहीं हटेगी। नीतीश ने आगे कहा कि जिसे भी उनके फैसले से दिक्कत है उसने उनकी हत्या कर देनी चाहिए क्योंकि वो ये निर्णय वापस नहीं लेंगे। जदयू के महसचिव संजय झा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “मैं नीतीश से लम्बे समय से जुड़ा रहा हूं और कमरे के अंदर और बाहर कई बैठकों में रहा हूं लेकिन कभी उन्हें मौत के बारे में बात करते नहीं सुना…ऐसी बात करके नीतीश पार्टी कार्यकर्ताओं को याद दिलाना चाहता थे कि पार्टी के लिए उन्होंने कितनी मेहनत की है।”

संजय झा ने टीओआई से कहा कि नीतीश नहीं चाहते कि जदयू अपनी मूल विचारधारा से भटके। हालांकि जदयू के राज्य प्रमुख बीएन सिंह ने कहा कि पार्टी को अगले 10 साल तक नीतीश के उत्तराधिकारी की चिंता करनी की जरूरत नहीं है। बिहार में इस समय जदयू और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गठबंधन की सरकार है। जदयू इस समय अंदरूनी टकराव से भी जूझ रही है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक धड़ा पार्टी पर नियंत्रण को लेकर चुनाव आयोग जा चुका है।

शरद और नीतीश के बीच बीजेपी से हाथ मिलाने को लेकर मतभेद माना जाता है। नीतीश कुमार ने लालू यादव की राजद से करीब 20 महीने पुराना गठबंधन तोड़कर बीजेपी से हाथ मिलाया था तो शरद ने इसे जनमत से धोखा करार दिया था। नीतीश कुमार ने 2015 में हुए बिहार विधान सभा  चुनाव में राजद और कांग्रेस से महागठबंधन बनाकर बीजेपी को हराया था।

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