बिहार की राजनीति में चूहे हैं सुपरहिट, तेजस्वी यादव की चुटकी- बांध भी चूहे कुतर गए क्या?

पटना: बिहार में भागलपुर के कहलगांव में करोड़ों की लागत से बना बांध उद्घाटन से पहले ही टूट गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पंप नहर योजना का आज उद्घाटन करने वाले थे. फिलहाल सीएम का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. इसे लेकर तेजस्वी यादव ने राज्यसरकार पर निशाना साधा है. तेजस्वी ने ट्वीट कर पूछा है कि नीतीश जी बतायें, 828 करोड़ की लागत से बनी बांध परियोजना को भी चूहे कुतर गए है क्या? जो बांध टूट गया? इसका सेहरा भी चूहों के सिर बांधना चाहिए.

इससे पहले बिहार पुलिस ने चूहों को ही शराबी बना दिया था.बिहार में पूर्ण शराबबंदी के मद्देनजर सघन अभियान के दौरान राज्य में जब्त के बाद पुलिस मालखाने में रखी करीब 9 लाख लीटर से अधिक शराब के चूहों द्वारा गटक जाने का मामला प्रकाश में आया था. लेकिन जांच के बाद इंसान ही अपराधी निकले थे.

इसके बाद भी बिहार में चूहों का स्टेटस कई बार बदला गया. बाढ़ जैसी विभीषिका लाने के लिए भी चूहों को ही दोषी ठहराया गया. बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने तो मीडिया के सामने बयान दिया कि चूहों के कारण ही तटबंध कमजोर हो गए, टूट गए और बाढ़ आ गई. इतना ही नहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री दिनेशचंद्र यादव ने कहा था अब चूहों और मच्छरों का क्या उपाय है? आप क्या कर लीजिएगा? यह तो चलता ही रहेगा. 

तेजस्वी ने बाढ़ को लेकर करवाया था यह पोल
तेजस्वी ने इस मामले में भी एक कदम आगे बढ़कर ट्वीट किया था. बिहार में बाढ़ किस वजह से आई? इस पर उन्होंने सोशल मीडिया पर पोल करवाया था. उसके नतीजे सामने आने का भी उन्होंने दावा किया था. तेजस्वी ने लिखा था कि 6624 लोगों ने वोट किया उसमें से 69% का कहना है. नीतीश जी के 13 साल के तटबंध निर्माण में लाखों करोड़ के हुए भ्रष्टाचार के कारण बाढ़ आई. बाक़ी 31 प्रतिशत लोगों कहना है चूहों के कारण बाढ़ आई."
उधर, लालू ने भी नीतीश कुमार को जमकर घेरा. उन्होंने ट्वीट किया, "नीतीश बताएं कि बिहार में बाढ़ 'दो पैर वाले चूहों' की वजह से आई या 'चार पैरों वाले चूहों' की वजह से, जो तटबंध निर्माण का हजारों करोड़ रुपये खा गए."

गौरतलब है कि बांध के टूटने से कई इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है. इस बांध को गंगा पंप नहर योजना के तहत तैयार किया गया था. जानकारी मिलते ही जिले के सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पूरे कहलगांव में बाढ़ सा नज़ारा दिख रहा है. एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुट गई है. पानी अभी भी शहरी इलाकों में घुस रहा है.  40 साल बाद पूरी हुई इस नहर परियोजना की नहर कहलगांव के एनटीपीसी मुरकटिया के पास टूट गई. बिहार और झारखंड की इस साझा परियोजना के जरिये जरिए भागलपुर में 18620 हेक्टेयर तथा झारखंड के गोड्डा जिला की 4038 हेक्टयर भूमि सिंचित होगी.

बांध टूटने पर ​प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने नीतीश सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भागलपुर में मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री का पुतला फूंका. आरजेडी ने कहा है कि करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले के बाद भागलपुर में एक नया 'घोटाला' सामने आया है.

POPULAR ON IBN7.IN