लालू ने किया सोनिया को फोन- मैडम, 27 को आइए, हम एक न हुए तो खत्म हो जाएंगे

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने साफ किया है कि वह 27 अगस्त को बीजेपी के खिलाफ होने वाली एक विशाल रैली में कांग्रेस की तरफ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी या उनकी बेटी प्रियंका गांधी की मौजूदगी चाहते हैं। लेकिन आरजेडी सुप्रीमो ने इशारों-इशारों में कहा कि रैली में राहुल गांधी मौजूद न हों। लालू ने 17 मई को सुबह सोनिया गांधी को फोन कर गुजारिश की थी कि वे पटना के गांधी मैदान में उनकी रैली में शामिल हों। 10 मिनट की इस बातचीत में लालू ने कहा, अगर हम बीजेपी के खिलाफ साथ आने में नाकाम रहे तो खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा, आरजेडी चाहती है कि सभी बीजेपी विरोधी दल एकजुट हो जाएं। एक सूत्र ने लालू के हवाले से कहा, मैडम आप 27 तारीख को जरूर आएं। मैं एक विचारधारा वाली पार्टियों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा हूं, ताकि बीजेपी को हराया जा सके। उन्होंने अपने न्योते में कहा, आपको जरूर आना चाहिए, अगर किसी कारण से आप नहीं आ पाएं, तो रैली में प्रियंका गांधी को भेज दें।

लालू ने सीधे शब्दों में यह नहीं कहा कि वह राहुल गांधी को नहीं चाहते, लेकिन यह कहकर उन्होंने अपनी मंशा साफ कर दी। इससे पहले लालू ने राहुल को 2019 में प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करने के आइडिया को भी नकार दिया था। उन्होंने कहा कि बीजेपी विरोधी दलों के और भी कई एेसे नेता हैं जो इस पद के काबिल हैं। उन्होंने इसके लिए पूर्व सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार को माफिक बताया था।

2015 के बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल आरजेडी के गठबंधन करने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन अपनी मां के दबाव में उन्हें यह करना पड़ा। महागठबंधन के बावजूद राहुल और लालू ने एक साथ चुनाव प्रचार नहीं किया था। इसी साल 17 अप्रैल को चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्षगांठ के मौके पर लालू और राहुल आखिरी बार पटना में मंच पर एक साथ दिखे थे। लालू ने एेलान किया है कि 27 अगस्त को होने वाली बीजेपी भगाओ, देश बचाओ वाली रैली एेतिहासिक होगी। बुधवार को ही लालू ने ममता बनर्जी (पहले ही हामी भर दी है) , मुलायम सिंह और बसपा सुप्रीमो मायावती को फोन किया था। उन्होंने कहा कि हम सभी को मतभेद भुलाकर पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए।