नीतीश कुमार की जदयू के प्रवक्‍ता ने लालू को हड़काया

बिहार की राजनीति पर भी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत का प्रभाव दिखने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू और लालू प्रसाद यादव की आरजेडी में तकरार साफ देखी जा सकती है। दरअसल जेडीयू के एक प्रवक्ता ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे डाली है। जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता नीरज सिंह ने कहा कि लालू यादव बिहार में दोबारा जंगल राज लाने की कोशिश न करें। एक न्यूज चैनल से बातचीत में नीरज ने कहा कि रघुवंश सिंह हमेशा सरकार की नीति पर सवाल उठाते हैं। कानून के राज पर सवाल उठाकर क्या वो इसे जंगल राज बनाना चाहते हैं। बिहार में इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। नीरज ने कहा कि लालूजी आप जुबान खोलिए। आपके अपने विधायक ही कानून के राज पर सवाल उठा रहे हैं। हमारी पार्टी के बड़े मंत्रियों के समझाने के बाद भी इस तरह की बयानबाजी जारी हैं। लालू जी को जवाब देना ही पड़ेगा। नीरज सिंह के इस बयान पर आरजेडी की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के उपाध्यक्ष रघुवंश सिंह ने कहा कि अगर लालू यादव कहें तो गर्दा झाड़ देंगे।

जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जनता को भरोसा है, उन्हें राजनीति में कृपापात्र बनाने की औकात किसी में नहीं है।जनता का जनादेश और चेहरा वही हैं। नीतीश कुमार के दम पर ही आरजेडी सत्ता में लौटी है और आज वो कह रहे हैं कि नीतीश जी चुप रहे तो यूपी का परिणाम ऐसा हो गया। सोचिए अगर हम बोल देंगे तो क्या हालत होगी। सच कड़वा है लेकिन उसका सामना करना पड़ेगा।

बता दें कि भाजपा+ को उत्तरप्रदेश में 325 सीटें मिली हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन को 54 और बसपा को महज 19 सीटें मिलीं। उत्तराखंड में भी भाजपा को 56 सीटें मिल चुकी हैं। फिलाहल इन दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसला होना बाकी है। गोवा में बीजेपी के पास बहुमत न होते हुए भी उसने एमजीपी और जीएफपी और निर्दलीय विधायक के साथ मिलकर सरकार बना ली है। गोवा में बीजेपी को 13 और कांग्रेस को 17 सीटें मिली थीं। गोवा में पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को विधायक दल का नेता चुना गया है और उन्होंने मंगलवार को सीएम पद की शपथ ली थी। गोवा में कांग्रेस  ने सरकार न बना पाने का अफसोस जताया था। कांग्रेस का कहना था कि ज्यादा सीट हासिल करने के बावजूद राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया, जबकि उनके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन था। कांग्रेस ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह पर्रिकर का शपथ ग्रहण समारोह पर तो रोक नहीं लगा सकते, लेकिन उसने पर्रिकर को गुरुवार तक बहुमत साबित करने को कहा है।

मणिपुर में भी बीजेपी सत्ता पर काबिज हो गई है। एन बीरेन सिंह ने आज (15 मार्च) को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद  की शपथ ली है। उनका यह शपथ कार्यक्रम इंफाल के राज भवन में हुआ। इससे पहले मंगलवार को मणिपुर की गवर्नर नजमा हेपतुल्लाह ने बीजेपी और उनकी साथी पार्टियों को सरकार बनाने का न्योता दिया था। 11 मार्च को आए चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों द्वारा सरकार बनाने का दावा किया जा रहा था। मणिपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी  बनकर उभरी थी। कांग्रेस के 28 उम्मीदवार जीते थे, वहीं बीजेपी के 21 उम्मीदवार जीते थे। बीजेपी ने दावा किया था कि उसके पास NPP(4), NPF (4) और LJP(1) के साथ-साथ तीन और विधायकों का भी समर्थन है।

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