लालू यादव को हर महीने मिलेगी 10,000 रुपए की पेंशन, इमरजेंसी के दौरान गए थे जेल

राष्‍ट्रीय जनता दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जेपी सेनानी सम्‍मान पेंशन योजना के तहत मासिक पेंशन मिल सकती है। इमरेंसी के विरोध में चले जेपी आंदोलन के दौरान आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (MISA) के तहत लालू को जेल भेजा गया था। उसके करीब चार दशक बाद लालू राज्‍य में जेपी सेनानी पेंशन योजना के तहत 10,000 रुपए प्रतिमाह की पेंशन पाने के हकदार हो गए हैं। लालू ने इसके लिए अप्‍लाई किया है, ऐसे में उन्‍हें पेंशन मिल सकती है। राज्‍य के जनरल एडमिनिस्‍ट्रेशन डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा, ”हमने पेंशन के लिए उनके (लालू) आवेदन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है और उसे गृह मंत्रालय विभाग को पेंशन की अंतिम रकम तय करने के लिए भेज दिया है। लालू की पेंशन 2009 से प्रभावी होगी, जब‍ जेपी सेनानी सम्‍मान पेंशन योजना लॉन्‍च की गई थी। लालू उस वक्‍त एक छात्र थे जब जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने संपूर्ण क्रान्ति आंदोलन लॉन्‍च किया था।

लालू 70 के दशक के मध्‍य में आंदोलन में कूदे और उन्‍हें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का विरोध करने के लिए MISA के तहत जेल में डाल दिया गया था। बाद में लालू ने अपनी बड़ी बेटी का नाम मीसा भारती रखा क्‍योंकि उनके पैदा होने के वक्‍त वह जेल में थे। पेशे से डॉक्‍टर, मीसा अब राज्‍यसभा सांसद हैं। सरकारी रिकॉर्ड्स के अनुसार, लालू को जेपी आंदोलन के दौरान छह महीनों से ज्‍यादा समय तक जेल में रखा गया था।

राज्‍य सरकार के फैसले के अनुसार MISA और 18 मार्च, 1974 से 21 मार्च, 1977 तक भारत के रक्षा शासन के दौरान छह महीने से ज्‍यादा जेल की सजा काटने वालों को हर महीने 10,000 रुपए पेंशन दी जाएगी। लेकिन जिन लोगों ने छह महीने से कम और एक महीने से ज्‍यादा का वक्‍त जेल में गुजारा, उन्‍हें 5,000 रुपए की पेंशन मिलेगी।

जेपी सेनानी सम्‍मान पेंशन योजना के तहत राज्‍य में करीब 25, 000 लोग मासिक पेंशन पा रहे हैं। बिहार के मुख्‍यमंत्री के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में नीतीश कुमार ने नवंबर, 2005 में इस योजना का ऐलान किया था।

  • Agency: IANS