बिहार के वाल्मीकिनगर ब्याघ्र परियोजना क्षेत्र में बनेगा गैंडों का आशियाना

 

बेतिया:  बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर ब्याघ्र परियोजना क्षेत्र में गैंडों के लिए अशियाना (वाल्मीकि राइनो हैबिटेट सेंटर) बनाने की कवायद तेज हो गई है। वन प्रमंडल-दो के मदनपुर वन क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर के दायरे में अब गैंडा अधिवास क्षेत्र (राइनो हैबिटेट सेंटर) बनाया जाएगा। वाल्मीकिनगर ब्याघ्र परियेजना प्रशासन ने वन्य प्राणी परिषद को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा है।

वाल्मीकिनगर वन प्रमंडल-दो के वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) अमित कुमार ने आईएएनएस को बताया कि वर्तमान में भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिक डॉ़ विभाष पांडव को क्षेत्र के अध्ययन के लिए कहा गया है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नेपाल और उत्तर प्रदेश की खुली सीमा पर स्थित वन प्रमंडल-दो के मदनपुर वन क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर के दायरे में राइनो हैबिटेट सेंटर बनाया जाएगा।

परियोजना क्षेत्र के निदेशक आऱ बी़ सिंह ने बताया कि यहां गैंडों के लिए बेहतर वातावरण है। इस कारण नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से गैंडों के समूह इस जंगल की ओर आते रहते हैं। वाल्मीकिनगर और मदनपुर वन क्षेत्र गैंडों के लिए पसंदीदा स्थल हैं।

इन सभी संभावनाओं को देखते हुए ब्याघ्र परियोजना क्षेत्र के अंदर राइनो हैबिटेट केन्द्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसे अनुमोदन के लिए वन्य प्राणी परिषद को भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि यहां शुरुआत में संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना से गैंडों को लाकर रखा जाएगा।

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