असम में उग्रवादी हमला, 7 की मौत

गुवाहाटी: असम के गोआलपाड़ा जिले के एक दूरवर्ती गांव में गारो नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलए) के संदिग्ध कैडरों द्वारा रविवार रात कुछ लोगों पर अंधाधुंध गोली चलाए जाने से सात लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी सोमवार को दी।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना असम- मेघालय की सीमा से सटे गेंदाबारी गांव में हुई। सभी मृतक और घायल दिवाली के अवसर पर जुआ खेलने में व्यस्त थे।

पुलिस ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया, "आठ हथियारबंद लोग सेना की वर्दी में आए और उन्होंने लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। छह लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।"

पुलिस ने बताया कि घायलों में से एक की मौत सोमवार सुबह गुवाहाटी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल ले जाते समय हो गई।

सभी घायलों को पहले गोआलपाड़ा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।

असम पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) एस.एन. सिंह ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "संभव है, मेघालय के जीएनएलए के संदिग्ध कैडरों ने यहां आम लोगों पर हमला किया हो। राभा हसोंग स्वायत्त परिषद (आरएचएसी) के चुनाव को बाधित करना इनका मकसद हो सकता है।"

आरएचएसी के चुनाव को लेकर इलाके में पिछले महीने से ही तनाव व्याप्त है।

असम सरकार ने आरएचएसी के चुनाव तीन चरणों में 13, 16 और 25 नवंबर को कराने की घोषणा की है, जिससे राभा समुदाय के लोग खुश हैं, लेकिन गारो व खासी सहित अन्य समुदाय के लोग चुनाव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार पहले गैर-राभा बहुल गांवों को आरएचएसी के नियंत्रण से मुक्त करे।

इस बीच, असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने पुलिस महानिदेशक को हिंसा में संलिप्त संदिग्ध उग्रवादियों की तलाशी अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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