आंध्र हिंसा पर पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप

Protestors belonging to Kapu caste set a train on fire and blocked rail and road traffic in East Godavari district, about 100 km from Visakhapatnam on Jan 31, 2016. The violence broke out around 3 p.m. during a massive public meeting organized by Kapu State Committee at Tuni to demand the government to include Kapus in the backward classes list and provide them reservation. (Photo: IANS) Protestors belonging to Kapu caste set a train on fire and blocked rail and road traffic in East Godavari district, about 100 km from Visakhapatnam on Jan 31, 2016. The violence broke out around 3 p.m. during a massive public meeting organized by Kapu State Committee at Tuni to demand the government to include Kapus in the backward classes list and provide them reservation. (Photo: IANS)

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश के टुनी में कापू समुदाय के प्रदर्शन के दौरान हिंसा के लिए सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने सोमवार को एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए। तेदेपा ने रविवार की हिंसा के लिए वाईएसआरसीपी को जिम्मेदार ठहराया। जबकि, वाईएसआरसीपी का कहना है कि सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष को बदनाम करने के लिए साजिश रची है।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री एन.चिन्नाराजप्पा और नगर प्रशासन मंत्री पी.नारायण ने हिंसा के लिए कापू नेता मुद्रागडा पद्मनाभन पर भी निशाना साधा। पद्मनाभन ने ही पूर्वी गोदावरी के टुनी में जनसभा में रेल और सड़क रोको का आह्वान किया था।

दोनों मंत्रियों ने कहा कि पद्मनाभन ने सभा में आए एक लाख लोगों को उकसाया था।

प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन में आग लगा दी। दो थानों और कई वाहनों को फूंक दिया। अलग-अलग जगहों पर हिंसा में 14 पुलिकर्मी और चार रेलवे कर्मी घायल हुए हैं।

चिन्नाराजप्पा ने कहा कि हिंसा पद्मनाभन और वाईएसआर कांग्रेस नेता जगनमोहन रेड्डी द्वारा चंद्रबाबू नायडू सरकार के खिलाफ साजिश का नतीजा है।

इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और इसमें 'बाहरी तत्व' शामिल थे। 

जगनमोहन रेड्डी की तरफ अप्रत्यक्ष रूप से इशारा करते हुए नायडू ने विजयवाड़ा में संवाददाताओं से रविवार को कहा, "हिंसा के पीछे एक अपराधी है।"

जगनमोहन ने सोमवार को पलटवार किया और कहा कि नायडू अपराधी नंबर वन हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कापू समुदाय और अन्य पिछड़ा वर्गो के बीच नफरत पैदा करने का काम कर रहे हैं।

जगन ने कहा कि टीडीपी हिंसा में शामिल थी क्योंकि जनसभा को मिले व्यापक समर्थन ने कापू समुदाय और विपक्षी नेताओं को और लोकप्रिय बना दिया और टीडीपी इसी से डर गई।

उन्होंने कहा कि कापू इसलिए नाराज हैं क्योंकि नायडू ने उन्हें पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने का अपना वादा पूरा न कर धोखा दिया है।

उन्होंने कहा कि जनसभा की राह में सरकार की तरफ से पैदा की गई बाधाओं ने समुदाय को और भड़का दिया।

हालांकि, राज्य के मंत्रियों का कहना है कि सरकार कापू समुदाय से किए वादों पर अमल की ईमानदारी से कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कापू समुदाय को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने के दिशा-निर्देश को अंतिम रूप देने के लिए आयोग का गठन किया गया है। पद्मनाभन को आयोग की रपट के लिए नौ महीने इंतजार करना चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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