आंध्र प्रदेश विधानसभा में वाईएसआरसीपी के विधायकों के निलंबन पर हंगामा

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश विधानसभा से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की एक महिला सदस्य को एक साल के लिए सदन से निलंबित करने के मुद्दे पर शनिवार को सदन में हंगामा हुआ, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित की। वाईएसआरसीपी की विधायक आर.के. रोजा के निलंबन के विरोध में नारेबाजी की वजह से विधानसभा अध्यक्ष के.शिवप्रसाद राव को दो बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वे रोजा का निलंबन वापस लेने की मांग कर रहे थे।

रोजा को विधानसभा में 'कॉल मनी रैकेट' पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ असंसदीय टिप्पणी करने के लिए गुरुवार को सदन से निलंबित कर दिया गया।

उन्हें शुक्रवार को विधानसभा परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। मार्शल और महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रवेश करने से रोका। रोजा की अधिकारियों के साथ बहस भी हुई।

सुरक्षाकर्मियों से जबरन उन्हें सदन से बाहर निकाला। उन्हें नामपल्ली पुलिस थाने ले जाया गया, लेकिन शरीर में शर्करा का स्तर कम होने की वजह से वह बेहोश हो गईं। बाद में उन्हें निजाम इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) में भर्ती कराया गया।

सदन में अपना विरोध दर्ज कराते हुए विपक्ष के नेता वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी ने रोजा की इस स्थिति के लिए सत्तारूढ़ पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उनहोंने कहा कि इससे एक गलत मिसाल पेश होगी। इस मुद्दे को आचरण समिति के समक्ष रखे बिना रोजा को एक साल के लिए सदन से निलंबित करने का विधानसभा अध्यक्ष को कोई अधिकार नहीं है।

सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने हालांकि रोजा का निलंबन रद्द करने से इंकार किया है। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री वाई.रामकृष्णाडु ने कहा कि सदन सबसे ऊपर है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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