आंध्र प्रदेश : 'फोन काल मनी रैकेट' की न्यायिक जांच का आदेश

विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश को हिला कर रख देने वाले 'फोन काल मनी रैकेट' की न्यायिक जांच होगी। राज्य सरकार ने बुधवार को यह ऐलान किया। जांच उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश करेंगे। 

न्यायिक जांच का फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता चंद्रबाबू नायडू ने की।

कुछ महिलाओं ने यह चौंकाने वाली जानकारी दी थी कि कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से उनका यौन शोषण किया गया है। इसके बाद मामले की जांच के लिए हर तरफ से आवाज उठी थी।

मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस का आरोप है कि विजयवाड़ा और गुंटुर में सामने आने वाले इस स्कैंडल में सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी के कई नेता भी शामिल हैं।

यह स्कैंडल कर्ज से जुड़ा है। इसमें कोई भी व्यक्ति कर्ज देने वाले को फोन कर कर्ज ले सकता है। कर्जदाता पैसा लेकर कर्जदार के घर आता है, पैसे देता है और दस्तावेजों पर कर्जदार के हस्ताक्षर लेकर लौट जाता है।

इसमें ब्याज की दर आम तौर से 120 से 200 फीसदी तक होती है। कर्जदाता इस शर्त पर धन देता है कि वह किसी भी समय, कहीं पर भी एक फोन कर अपना धन वापस मांग सकता है।

कई मामलों में कर्जदार के कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से साहूकार ने उसका घर, वाहन और अन्य संपत्तियों को जब्त कर लिया। 

कर्ज देने वालों ने कर्ज नहीं चुकाने की हालत में महिलाओं का यौन शोषण भी किया। बीते हफ्ते एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसे और उसकी बेटी को देह व्यापार में ढकेल दिया गया।

'काल मनी स्कैंडल' को अकेले विजयवाड़ा में 600 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है।

पुलिस ने इन कर्जदाताओं की धर पकड़ शुरू कर दी है। मंगलवार से अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से आधे का ताल्लुक किसी न किसी राजनैतिक दल से है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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