आंध्र प्रदेश : यौन उत्पीड़न मामले में मंत्री के बेटे से पूछताछ

हैदराबाद: हैदराबाद पुलिस ने रविवार को एक शिक्षिका के यौन उत्पीड़न के आरोपी आंध्र प्रदेश के सामाजिक एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रावेला किशोर बाबू के बेटे रावेला सुशील से पूछताछ की। सुशील ने सुबह थाने में आत्मसमर्पण किया था। बाद में पुलिस ने उसे दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले सुशील को जब उसके वकील अग्रिम जमानत नहीं दिला पाए तो उसने सुबह बंजारा हिल्स पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया। 

पुलिस ने सुशील के ड्राइवर एम. रमेश उर्फ अप्पा राव को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) वेंकटेश्वर राव ने संवाददाताओं को बताया कि महिला ने जो शिकायत दर्ज कराई है उसके बारे में सुशील और उसके ड्राइवर से पूछताछ की गई है।  

वेंकटेश्वर राय ने कहा कि पुलिस उस कार की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, जिसमें सुशील सवार था।

उन्होंने कहा कि सरकार महिला की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, "अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बचाने का कोई सवाल ही नहीं उठता, फिर चाहे वह कितना ही रसूख वाला क्यों न हो।"

आरोपियों को जांच के लिए सरकार द्वारा संचालित उस्मानिया अस्पताल ले जाया गया। डीसीपी ने कहा कि दोनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके आवास पर पेश किया गया। जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों को चंचलगुडा केंद्रीय जेल में रखा गया है। 

पुलिस ने शनिवार को सुशील को नोटिस जारी कर उन्हें 48 घंटों के भीतर पुलिस के सामने पेश होने के लिए कहा था।

सुशील और उनके ड्राइवर रमेश के खिलाफ शनिवार को एक महिला का पीछा करने और उसे जबरन कार में खींचने की कोशिश करने के मामले में निर्भया अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

घटना गुरुवार को पॉश इलाके बंजारा हिल्स के पड़ोस में घटी। आरोप है कि कार सवार सुशील और रमेश ने वहां से गुजर रही एक शिक्षिका पर अश्लील फब्तियां कसीं और उसका हाथ पकड़ उसे गाड़ी के अंदर खींचने की कोशिश की।

पीड़िता की शिकायत पर दोनों के खिलाफ दुर्व्यवहार करने और उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया गया, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। 

कुछ समाचार चैनलों ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में दिखाया कि पुलिस ने कैसे कथित तौर पर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की।

वहीं, आरोपी सुशील ने रविवार को स्वयं को निर्दोष बताते हुए एक सोशल मीडिया पर लिखा कि उसे उस रोड पर एक कुत्ते का बच्चा दिखा, जिसके बाद वह उसे गोद में उठाने के लिए कार से नीचे उतरा, जिस पर महिला अकारण ही उन पर चिल्लाने और गालियां देने लगी।

उन्होंने कहा, "भीड़ ने उन अज्ञात लोगों का साथ दिया, जिनका एकमात्र मकसद राजनीतिक प्रतिशोध है।"

हालांकि कुछ समाचार चैनलों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाई, जिनमें एक कार बुर्का पहनी महिला के करीब आकर धीमी होते दिख रही है। कार अपने करीब धीमी होते देख महिला ने तेजी से आगे बढ़ना शुरू कर दिया, लेकिन कार बराबर उसका पीछा करती रही।

इस बीच, रविवार को मंत्री रावेला किशोर बाबू ने कहा कि 'उनका बेटा सुशील निर्दोष है। उसने कुछ गलत नहीं किया।' उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है।

उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि विपक्ष के नेता उन्हें बदनाम करने के लिए उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। 

 

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