आंध्र के चुनाव पूर्व बजट में कल्याण पर जोर

हैदराबाद, 18 मार्च (आईएएनएस)| आंध्र प्रदेश में अगले साल चुनाव से पहले आखिरी बजट में कल्याण और अन्य सामाजिक क्षेत्रों पर प्रमुखता से ध्यान दिया गया है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े तथा अल्पसंख्यक वर्गो के कल्याण के लिए आवंटन बढ़ा दिया।

वित्त मंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी ने सोमवार को 2013-14 के लिए कर मुक्त राजस्व आधिक्य वाला बजट पेश किया। बजट में 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक के सकल खर्च का प्रावधान किया गया है, जो 2012-13 के मुकाबले 10 फीसदी अधिक है।

उन्होंने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि 2013-14 में कुल 1,61,348 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसमें 1,01,926 करोड़ रुपये गैर योजना मद पर और 59,422 करोड़ रुपये योजना मद में खर्च होंगे।

बजट में कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, शहरी विकास और जल आपूर्ति पर आवंटन 43,915 करोड़ रुपये (2012-13 के लिए संशोधित अनुमान) से बढ़ाकर 52,858 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

पिछले साल दिसम्बर में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) उपयोजना को संवैधानिक दर्जा देने वाला कानून बनने के बाद यह राज्य का पहला बजट है।

इस कानून के तहत एससी उपयोजना और एसटी उप योजना के लिए राज्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अलग से आवंटन करने का प्रावधान है।

बजट में एससी उप-योजना के लिए कुल आवंटन 8,585 करोड़ रुपये और एसटी उप-योजना के लिए कुल आवंटन 3,666 करोड़ रुपये है।

रेड्डी ने बाद में संवाददाताओं से बजट को कल्याण बजट करार दिया और कहा कि पिछड़े वर्गो के लिए आवंटन 33 फीसदी और अल्पसंख्यकों के लिए 110 फीसदी बढ़ाया गया है।

बजट प्रस्तुति के बाद कृषि मंत्री खन्ना लक्ष्मीनारायण ने पहली बार कृषि और सम्बंधित क्षेत्र के व्यापाक विकास के लिए विशेष कृषि कार्य योजना पेश किया।

कृषि और सम्बद्ध क्षेत्र के लिए 6,128 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसके लिए पिछले बजट में 5,605 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

रामनारायण रेड्डी ने कहा कि उन्हें 10,023 करोड़ रुपये राजस्व आधिक्य का अनुमान है।

उन्होंने कहा, "मुझे पूर्ण विश्वास है कि 2013-14 का बजट राज्य में समावेशी विकास की राणनीति को एक नई ऊर्जा देगा।"

उन्होंने कहा कि बजट में समावेशीकरण के प्राथमिकता क्षेत्र पर मुख्य ध्यान दिया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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