GST बिल में 15 रुपये की गड़बड़ी करने पर धराया व्‍यापारी, लगा 20 हजार का जुर्माना

गुड्स एंड सर्विस टैक्स में बेइमानी करना भारी पड़ेगा यह तो सब जानते हैं। पर इतना भारी पड़ेगा शायद नहीं सोचा होगा। दरअसल आंध्र प्रदेश का एक मामला सामने आया है। व्यापारी पर जीएसटी में गड़बड़ी करने पर 1,00,000 फीसदी जुर्माना लगाया गया है। एक व्यापारी को आंध्र प्रदेश टैक्स ऑफिसर की तरफ से नोटिस मिला है। उस पर बिल में 15 रुपये की गड़बड़ी करने पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नोटिस में कहा गया है कि आपने जानबूझकर जीएसटी के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। यह एक दंडनीय अपराध है। सरकार ने लगभग दो महीने पहले करीब 200 सरकारी अधिकारियों से कहा था कि वे जीएसटी मानदंडों में गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों और दुकानदारों की पहचान करें।

जुलाई में पहली बार सामने आया था कि सरकार ने जीएसटी के नियमें का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की पहचान के लिए 200 सीनियर आईएएस, आईपीएस और आईआरएस अधिकारी नियुक्त किए हैं। ऐसा लगता है कि इन अधिकारियों ने अब ऐसे मामलों को संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट करना शुरू कर दिया है और इस तरह के व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।

इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक व्यापारी ने अपने शॉप से 300 रुपये की एक टीशर्ट सेल की थी। उसने ग्राहक से पूरे 300 रुपये लिए थे। इसके बाद उसने टैक्स इनवॉइस नहीं दी। इस तरीके से उसने जीएसटी से बचने की कोशिश की। इसके बाद 5 सितंबर को व्यापारी को टैक्स नोटिस जारी किया गया। जीएसटी कानून के अंतर्गत जुर्माने की मात्रा परिभाषित नहीं की गई है और कर अधिकारियों के विवेक पर है।

डेलाइट इंडिया के पार्टनर एमएस मानी ने कहा कि अगर आदर्श रूप से देखा जाए तो मामूली अपराधों के लिए कोई जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए, क्योंकि कानून को हाल ही में लागू किया गया है। यह सभी के लिए नया है। पूरी तरह से लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। साथ ही मनी ने कहा कि जीएसटी के दायरे में आने वाले करदाताओं पर जुर्माना लगाने के बजाय उनको प्रोत्साहित करना चाहिए। मनी ने कहा कि एक बार करदाता अपने प्रावधानों से परिचित हो जाएं। उसके बाद करदाताओं द्वारा सामना किए जा रहे मौजूदा मुद्दों का निपटारा करने के बाद दंडात्मक प्रावधानों को लागू किया जा सकता है।

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