हैदराबाद भूमि घोटाले में तेदेपा पार्षद को जेल भेजा

आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सदस्य तथा प्रदेश के सबसे धनवान राजनीतिज्ञों में से एक तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के जी. दीपक रेड्डी तथा दो अन्य को एक अदालत ने बुधवार को भूमि घोटाला मामले में जेल भेज दिया। अदालत द्वारा दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत दिए जाने के बाद दीपक रेड्डी, वकील शैलेश सक्सेना तथा रियल एस्टेट कारोबारी श्रीनिवास को चंचलगुडा जेल भेज दिया गया।

आंध्र प्रदेश में सत्ताधारी तेलुगू देशम पार्टी के दीपक रेड्डी हैदराबाद में कथित तौर पर करोड़ों की सरकारी व निजी जमीनों को हथियाने में शामिल हैं।

साल 2012 के चुनाव में हलफनामे में 6,781 करोड़ रुपये की संपत्ति दिखाने वाले विधान पार्षद ने खुद को बेकसूर बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं।

पुलिस के मुताबिक, दीपक रेड्डी तथा अन्य को धोखाधड़ी तथा फर्जीवाड़े के आरोप में मंगलवार रात हिरासत में ले लिया गया था।

उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीनों पर कब्जा किया, जिसमें पॉश बंजारा हिल्स में आठ एकड़ जमीन भी शामिल है। यह जमीन उस परिवार की है, जो पाकिस्तान में बस गया है।

अधिकारियों ने बताया कि तेदेपा पार्षद ने वकील के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार किए और हकीमपेट स्थित 178 एकड़ की उस जमीन को हड़प लिया जो गरीबों को दी जानी थी।

आरोप है कि पार्टी के सांसद जे. सी. दिवाकर रेड्डी के निकट संबंघी तेदेपा नेता दीपक रेड्डी ने इकबाल असलम खान नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाए और इनके माध्यम से आसिफ नगर में 163 करोड़ रुपये कीमत की 78 एकड़ जमीन पर कब्जा किया।

बीते साल नवंबर में आसिफनगर जमीन के सिलसिले में मुस्तफा सोसायटी की शिकायत पर विधान पार्षद के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद कई अन्य सोसायटियों ने भी विधान पार्षद तथा अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच के बाद ही घोटाले का पूर्ण विवरण मिलेगा।

विधान पार्षद की गिरफ्तारी साइबराबाद में एक भूमि घोटाले के सामने आने के समय हुई है।

बीते महीने पुलिस ने 607 एकड़ सरकारी जमीन को निजी लोगों को अवैध रूप से हस्तांतरित करने के मामले में एक सरकारी कर्मचारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इन अवैध लेनदेन से सरकार को कथित तौर पर 686 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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