तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में 5 लाख ट्रकों की हड़ताल

 तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों में गुरुवार से शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत पांच लाख ट्रक सड़कों से दूर रहेंगे। दोनों राज्यों के लॉरी मालिकों के संगठन ने कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में साउथ जोन मोटर ट्रांसपोर्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशन द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार सुबह छह बजे से परिवहन सेवाओं को रोक दिया है।

संगठन ने हड़ताल से हालांकि सब्जियों, दूध और पेट्रोल की परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं को छूट दी है।

आंध्र प्रदेश लॉरी ओनर्स एसोसिएशन का दावा है कि तीन लाख ट्रकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं तेलंगाना के संगठन का कहना है कि 2.70 लाख से अधिक ट्रक हड़ताल पर हैं।

कुछ ट्रक और छोटी लॉरियां आवश्यक सामानों की आपूर्ति कर रही हैं।

ट्रक ड्राइवर तीसरे पक्ष के बीमा में वृद्धि, चालान शुल्क और दंड शुल्क में केंद्र सरकार के आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

वह वाणिज्यिक वाहनों के थर्ड पार्टी प्रीमियम (टीपीपी) में 50 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि का विरोध कर रहे हैं।

ट्रक चालकों का कहना है कि इस कदम से परिवहन समुदाय को और अधिक बेरुखी का सामना करना पड़ेगा, जो पहले से ही टोल टैक्स, स्पेयर पार्ट्स और डीजल की उच्च लागत से उत्पन्न आर्थिक परेशानियों से पीड़ित हैं।

यह संगठन मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 और वाहन स्क्रैपिंग नीति का भी विरोध कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वाहन की समय सीमा और प्रदूषण के बीच कोई संबंध नहीं है। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि वाहन की योग्यता जरूरी है।

इसके साथ ही संगठन डीजल दरों और टोल टैक्स शुल्क के निर्धारण में पूरे देश में समान नीति की मांग कर रहा है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सरकार ने जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होनी चाहिए।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वह राज्यों के दायरे में इन मुद्दों को हल करने के लिए संगठनों के प्रमुखों से बात करेंगे।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के ट्रक चालक भी दोनों राज्यों के लिए एकल परमिट प्रणाली की मांग कर रहे हैं।

वहीं, तेलंगाना के परिवहन मंत्री महेंद्र रेड्डी ने कहा है कि यहां के परिवहन आयुक्त आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे।

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