ओवैसी बंधु मस्जिद ढहाने के विरोध के मामले में बरी

हैदराबाद:  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी तथा उनके भाई सहित उनकी पार्टी के चार विधायकों को तेलंगाना की एक अदालत ने 11 साल पहले एक मस्जिद को ढहाने से संबंधित एक मामले में गुरुवार को बरी कर दिया। संगारेड्डी कस्बे की एक अदालत ने हैदराबाद से लोकसभा सांसद ओवैसी तथा एआईएमआईएम के चार विधायकों को बरी कर दिया।

असदुद्दीन ओवैसी, उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी, अहमद पाशा कादरी, मुमताज अहमद खान तथा मुअज्जम खान के खिलाफ पुलिस ने 16 मार्च, 2005 को सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था। मुत्तंगी गांव में एक सड़क के विस्तार के लिए अधिकारियों द्वारा मस्जिद ढहाने के दौरान उन्होंने बाधा डाली थी।

असदुद्दीन ओवैसी ने 21 जनवरी, 2013 को अदालत में समर्पण कर दिया था। अदालत ने उनके खिलाफ लंबित गैर-जमानती वारंट को रद्द करने की मांग को लेकर दायर उनकी याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।

एआईएमआईएम प्रमुख को बाद में इस मामले में जमानत मिल गई थी।

अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुरुवार को असदुद्दीन ने कहा कि उस वक्त सत्ता में रही कांग्रेस पार्टी क्या झूठा मामला दायर करने के लिए माफी मांगेगी।

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मस्जिद को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना ढहाया गया था।