पेड़ों पर रहते थे हमारे पूर्वज

न्यूयॉर्क : येल विश्वविद्यालय के पुरातत्व विज्ञानियों ने 6.5 करोड़ साल पुरानी एड़ी की हड्डियों की जांच में पता लगाया है कि हमारे पूर्वज पेड़ों पर रहते थे। पुर्गाटोरियस की एड़ियों के जीवाश्म को उत्तरपूर्वी मोंटाना से इकट्ठा किया गया था। पुर्गाटोरियस एक छोटा स्तनपाई है जो फल और कीड़े खाकर जिंदा रहता है।

शोधपत्र के प्रमुख लेखक स्टीफन चेस्टर ने कहा, "यह अध्ययन प्रथ्वी पर मानव के उद्भव को लेकर छात्रों को दी जा रही शिक्षा को बदल देगा और पुर्गाटोरियस पेड़ पर रहने वाला स्तनपाई कहलाएगा।"

पुर्गाटोरियस, न उड़ने वाले डायनासोर के विलुप्त होने के ठीक बाद सबसे पहले जीवाश्म रिकॉर्ड में दिखाई देता है। पुर्गाटोरियस विलुप्त हो चुके नरवानर का हिस्सा है जिसे प्लेसियाडियापीफॉर्म्स कहते थे।

कुछ शोधकर्ताओं ने पिछले कई वर्षो में अंदाजा लगाया कि प्राचीन प्लेसियाडियापीफॉर्म्स भूस्थलीय थे और नरवानर बाद में पेड़ की छाया में रहने लगे।

कुछ किताबों में आज भी ये विचार मिल सकते हैं।

लेकिन पुर्गाटोरियस की एड़ियों की पहचान ने शोधकर्ताओं को इस बात की बेहतर समझ दी है कि वे कैसे रहते थे।

एड़ी की हड्डियों में गतिशीलता के एक लक्षण का पता चला है, जो कि केवल उन नरवानरों और उनके आज के करीबी रिश्तेदारों में पाए जाते हैं।

ये विशेष लक्षण पुर्गाटोरियस जैसे जानवरों को पेड़ों पर चलते समय अपना पैर टहनियों को पकड़ने के लिए प्रयोग करने की सुविधा देता है।

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