दिल और दिमागी स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगे ये 5 योगासन

हृदय और मस्तिष्क शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग माने जाते है क्योंकि पूरे शरिरिक और मानसिक गतिविधियों के सुचारु संचालन में अहम भूमिका अदा करते हैं। ये दोनों ही अंग आपस में धमनियों औऱ शिराओं के जरिए जुडे होते हैं। लेकिन पिछले दसकों में बदलती जीवनशैली, प्रदूषणतनावअनहेल्दी डाइट और शारीरिक मेहनत ने इनकी रुपरेखा का काफी हद तक प्रभावित किया है बेहद चिंताजनक विषय है। शायद यही कारण है लोग बहुत ही कम उम्र में हृदय और मानसिक समस्याओं की चपेट में आन लगे हैं। इस मामले में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 1970 की तुलना में देखा जाए तो इसांन में बीमारियां पहले के मुकाबले 300 गुना ज्यादा बढ गई हैं। जिनसे निपटने के लिए योग और व्यायाम खास मददगार सहायक होते हैं। इसलिए आज हम आपको उन पांच योगसनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके नियमित अभ्यास से आप आसानी से हृदय और मस्तिष्क को स्वस्थ रख सकते है-

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार को सिर्फ एक-दो नहीं बल्कि लगभग सौ समस्याओं को दूर करने का आसान उपाय बताया जाता है। यूं तो सिर्फ 12 चरणों का सिर्फ एक योगासन आफको अनगनत फायदे प्रदान करता है। लेकिन शर्त सिर्फ यह हैं कि आपको इसका अभ्यास सुबह सूरज उगने से पहले करना है। अगर आप नियमित सूर्यनमस्कार करने से आपका शरीर हमेशा रोगमुक्त रहता है।

 

 

त्रिकोणासन

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इस आसन में शररी का आकार त्रिकोण जैसा हो जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को फैलाएं और दांए पैर को बाहर की तरफ स्ट्रेच करें। इसके बाद बांए हाथ को ऊपर ले जाए औरकमर को दाहिनी तरफ झुकाएं। इसी स्थिति में रहते हुए अपनी दाहिनी हाथेली को जमीन पर टिकाएं और बांए हाथ को ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें। इस आसन को कम से कम 5 बार दोहराना चाहिए।

अंजलि मुद्रा

अंजलि मुद्रा को रेस्पिरेट्री सिस्टम के लिए बहुत फायदेमंद बताया जाता है जिसका अभ्यास भी बहुत फायदेमंद होता है। इसे करने के लिए अपने दोनों हाथों को जोड़कर अपने सीने के बीच में लगाएं और आंखों को बंद करके सांसों को धीरे-धीरे खींचना चाहिए। सांस खींचते समय बीच-बीच में थोड़ी देर रुकना चाहिए और फिर सांस को धीरे-धीरे छोडते रहें। इससे दिल स्वस्थ औऱ दिमागी सक्रियता बढेगी।

भुजंगासन

भुजंगासन को सिर्फ हृदय औऱ दिमाग के लिए ही नहीं बल्कि आपकी रीढ़ की हड्डीबांह और पेट के लिए बहुत लाभदायी बताया जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाए और दोनों होथों को बिल्कुल अपने सीने के पास रखें। अब इसी स्थिति में शरीर को ऊपर की ओर उठाकर गहरी सांस लें। अपनी सांस पर ध्यान देते हुए क्षमतानुसार और ऊपर उठें और धीरे-धीरे पहले वाली पोजिशन में आ जाएं।

पश्चिमोत्तासन

पश्चिमोत्तासन आमतौर पर शरीर में लचीलापन लाने के लिए किया जाता है। इससे हृदय की धडकनें तो नियंत्रित रहती ही हैं, साथ में दिमागी सक्रियता भी बढती है। इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की तरफ फैलाएं और आपस में जोड़ लें। अब धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें और नाक को घुंटनों को सटाएं। अपने हाथों से पैरों का तलवा छुएं और ध्यान रखें घुटनों को मोड़मा नहीं है।

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