नियमित व्यायाम से दें हड्डी के रोगों को मात

लखनऊ: ओस्टियोपोरोसिस (हड्डीरोग) की समस्या से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उसका घनत्व घट जाता है। इसकी वजह से शरीर का ढांचा कमजोर हो जाता है। भारत में आठ में से एक पुरुष और तीन में से एक महिला इस बीमारी से पीड़ित है। इतना ही नहीं इस समस्या से भारत विश्व में सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। किंग जार्ज मेडिकल कालेज (केजीएमसी) के वरिष्ठ प्रोफेसर विनीत शर्मा ने यह बात कही। (09:47) 

डॉ. शर्मा ने बताया कि ओस्टियोपोरोसिस के कारण रीढ़ की हड्डी, कूल्हे और कलाई के जोड़ांे में फ्रैक्च र होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि 50 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए यह बीमारी अभिशाप है, क्योंकि इस आयु में हड्डियां भंगुर हो जाती है और नुकसान का पता तभी चलता है जब रोगी को आसानी से फ्रैक्च र होने लगता है।

वल्र्ड ओस्टियोपोरोसिस डे के अवसर पर शनिवार को डॉ. शर्मा ने कहा कि रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) हो चुकी महिलाओं को आमतौर पर इस बीमारी का जोखिम अधिक होता है, क्योंकि उनके शरीर में महत्वपूर्ण हारमोन एस्ट्रोजन की कमी होने लगती है। इस हारमोन में कमी आने के कारण हड्डियों का क्षरण तेजी के साथ हाने लगता है और हड्डियों का निर्माण रुक जाता है, जिससे यह बीमारी जकड़ लेती है।

डॉ. शर्मा ने बचाव के लिए ये उपाय बताए हैं :

1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं ।

2. पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन का सेवन करें।

3. नियमित रूप से व्यायाम करें।

4. नियमित रूप से थोड़ी देर धूप में रहें ।

5. धूम्रपान न करें तथा शराब से परहेज करें।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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